
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : June 15, 2026 12:01 PM IST
Medically Verified By: Dr Neerav Bansal
Heart Attack
हार्ट अटैक या फिर स्ट्रोक की जब भी बात होती है, तो कई लोग बोलते हैं कि इस तरह की घटनाएं अक्सर सुबह के समय होती हैं। क्या यह सिर्फ एक संयोग है या फिर इसके पीछे भी कोई साइंस? इसकी जानकारी के लिए हमने कुछ रिसर्च और वैशाली स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), डायरेक्टर डॉ. नीरव बंसल से जानकारी ली। डॉक्टर नीरव का कहना है कि सुबह जागने के बाद शरीर में होने वाले कुछ प्राकृतिक बदलाव सेंसटिविटी लोगों में हार्ट और ब्रेन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
सुबह नींद से जागने के बाद शरीर आराम की अवस्था से सक्रिय अवस्था में आने लगता है। इस दौरान कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ता है। ये हार्मोन शरीर को दिनभर की गतिविधियों के लिए तैयार करते हैं, लेकिन साथ ही रक्तचाप और हृदय गति को भी बढ़ा सकते हैं।
डॉ. नीवर बंसल का कहना है कि जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग है, उनमें यह बदलाव हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
अध्ययनों के अनुसार सुबह के समय प्लेटलेट्स की सक्रियता और रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम से जुड़ी मानी जाती है। इसके साथ ही डॉक्टर भी बताते हैं कि सुबह के समय रक्त अपेक्षाकृत अधिक गाढ़ा हो सकता है और रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति भी बढ़ सकती है। अगर कोई थक्का हृदय की धमनियों में बन जाए या वहां पहुंचकर रक्त प्रवाह को रोक दे, तो हार्ट अटैक हो सकता है। वहीं, यदि यही थक्का मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं तक पहुंच जाए, तो स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
शोध में पाया गया है कि स्लीप एपनिया हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हुआ है। वहीं, डॉक्टर का भी कहना है कि पर्याप्त नींद न लेना या स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं भी हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। स्लीप एपनिया में रात के दौरान सांस बार-बार रुकती है, जिससे सुबह के समय रक्तचाप अचानक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक खराब नींद की आदतें हृदय रोग और स्ट्रोक दोनों के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
कुछ लोगों में सुबह उठते ही अत्यधिक तनाव लेना, धूम्रपान करना या बिना तैयारी के बहुत भारी व्यायाम शुरू करना जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में शरीर को धीरे-धीरे एक्टिव होने का समय देना बेहतर माना जाता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो पहले से किसी हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से जूझ रहे हैं।
अगर सुबह के समय इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए-
डॉक्टर कहते हैं कि इन लक्षणों को गैस, थकान या सामान्य कमजोरी समझकर टालना खतरनाक हो सकता है।
अगर आप हार्ट अटैक के जोखिमों को कम करना चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान दें, जैसे-
Disclaimer : डॉ. नीरव बंसल कहते हैं कि हार्ट अटैक और स्ट्रोक अक्सर अचानक नहीं होते। शरीर कई बार पहले से चेतावनी संकेत देता है। इन संकेतों को समय रहते पहचानना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।