Hearing Loss : इन वजहों से बढ़ सकता है हियरिंग लॉस का खतरा, एक्सपर्ट्स से जानें बहरेपन के प्रारंभिक लक्षण

कान में सुनाई देने वाला यह रिंगिंग साउंड बहरेपन का एक पूर्व संकेत हो सकता है।वहीं, कोविड-19 संक्रमण के अलावा भी अन्य कई कारणों से लोगों को सुनाई ना देने या कम सुनाई देने की समस्या हो सकती है। (Hearing Loss causes)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 9, 2021 7:15 PM IST

Hearing Loss Causes:कोरोना वायरस के लक्षणों और इस संक्रमण के दुष्प्रभावों के बारे में समय के साथ नयी-नयी जानकारियां सामने आ रही हैं। स्वाद और गंध पहचानने की शक्ति कम होने (Loss of apatite and smell) के बाद अब कोविड संक्रमण से संक्रमित होने वाले लोगों में सुनने की शक्ति कम होने के दावे किए जा रहा हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑडियोलॉजी (International Journal of Audiology) में कुछ समय पहले छपी एक स्टडी में कहा गया कि, कोविड-19 संक्रमित से लोगों में बहरेपन या सुनने की क्षमता कम होने (Hearing Loss) जैसी परेशानियां हो सकती है। इस स्टडी के अनुसार, एक कान से सुनाई ना देना, कान में लगातार कुछ गूंजते रहने की आवाज या रिंगिंग साउंड कोविड संक्रमण का एक गम्भीर लक्षण हो सकता है। इस तरह की आवाज गूंजने की स्थिति को टिनिटस (Tinnitus) कहा जाता है।

कान में सुनाई देने वाला यह रिंगिंग साउंड बहरेपन का एक पूर्व संकेत (Early symptoms of hearing loss) हो सकता है। वहीं, कोविड-19 संक्रमण के अलावा भी अन्य कई कारणों से लोगों को सुनाई ना देने या कम सुनाई देने की समस्या हो सकती है। (Hearing Loss causes and its symptoms in Hindi)

ये समस्याएं हो सकती हैं हियरिंग लॉस का संकेत

डॉ. वृषाली तेलंग, ईएनटी सर्जन, लोकमान्य हॉस्पिटल, पुणे (Dr. Vrushali Telang, ENT Surgeon Lokmanya Hospital Pune) के अनुसार, हियरिंग लॉस के लक्षणों में कानों में रिंगिंग, भंवरे की तरह आवाज गूंजने, चक्कर आना, उलझन, बेचैनी और भीड़ के बीच लोगों की बात ना सुन पाने जैसी समस्याएं प्रमुख हैं। अगर आपको लम्बे समय तक ये समस्याएं महसूस हों तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें।

त्योहारों का मौसम आने के साथ ही देशभर में पटाखों के प्रयोग को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं। हाल ही में मनाए गए दिवाली के त्योहार में पटाखों पर बैन और ग्रीन पटाखों (green firecrackers) के इस्तेमाल से जुड़े कई नियम लागू किए गए। पटाखों से निकलने वाले धुएं से ना केवल श्वसन मार्ग संबंधी समस्याएं (respiratory problems) होती हैं बल्कि, इनसे कार्डियक हेल्थ (cardiac problems) रिलेटेड समस्याएं भी हो सकती हैं। लेकिन, एक्सपर्ट्स का दावा यह भी है कि पटाखों के शोर से आंशिक या पूर्ण रूप से व्यक्ति बहरा हो सकता है।

पटाखों की आवाज से भी बढ़ सकता है बहरेपन का खतरा

अपोलो स्पेक्ट्रा, पुणे के ईएनटी सर्जन,  डॉ. अल्केशन ओसवाल (Dr. Alkesh Oswal, ENT Surgeon, Apollo Spectra Pune) का कहना है कि  भले ही पटाखों को जलाना लोगों को आनंददायक महसूस होता है लेकिन, अगर आप इन पटाखों को बहुत नजदीक से जलाते हैं तो इससे आपके कानों को बहुत गम्भीर नुकसान हो सकते हैं। जिससे, आपकी सुनने की शक्ति पूरी तरह खत्म हो सकती है और इसे समस्या से निजात पाने के लिए मेडिकली भी कोई उपाय नहीं किया जा सकता है। (firecrackers and hearing loss)

बढ़ती उम्र

बुढ़ापा या उम्र बढ़ने के साथ भी लोगों को कम सुनाई देने की समस्या हो सकती है। खासकर, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में बहरेपन या हियरिंग लॉस की संभावना बहुत अधिक बढ़ सकती है। कुछ स्टडीज के अनुसार, 70 वर्ष के बाद लोगों में 50 फीसदी तक हियरिंग लॉस की स्थिति बन सकती है।

(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)