
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 24, 2023 3:03 PM IST
Diabetes Reversal Tips: डायबिटीज की बीमारी वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है और यह महिला और पुरुषों के साथ-साथ कम उम्र के यंगस्टर्स और बच्चों में भी देखी जा रही है। वहीं, महिलाओं में न्यूट्रिशन डेफिशिएंसी और प्रेगनेंसी की वजह से डायबिटीज होने का रिस्क भी अधिक होता है। प्रेगनेंसी के दौरान होने वाला जेस्टेशनल डायबिटीज को ठीक होने में कई बार बहुत लम्बा समय लग जाता है और कुछ महिलाओं में हाई ब्लड शुगर लेवल की समस्या उम्र भर बनी रहती है। वहीं, लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों से होने वाले टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क भी महिलाओं में (Risk of developing type 2 diabetes in women) बहुत अधिक है। महिलाओं में डायबिटीज का रिस्क इन स्थितियों में भी बहुत अधिक बढ़ जाता है-
डॉ. बेहराम पार्डीवाला (Dr. Behram Pardiwala, Director, Internal Medicine, Wockhardt Hospitals, Mumbai Central) के अनुसार, जिन लोगों के साथ इ्म्पेयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस (Impaired glucose tolerance) की समस्या होती है उनके ठीक होने की संभावना अधिक है। लेकिन, टाइप 2 डायबिटीज का ठीक होना बहुत मुश्किल है। डॉ. पार्डीवाला कहते हैं कि, टाइप 2 डायबिटीज को रिवर्स करना लगभग नामुमकिन ही है क्योंकि, लोग डाइट, एक्सरसाइज और मेडिटेशन से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर पाते।
डॉ. पार्डीवाला के अनुसार, जो लोग डायबिटीज से पूरी तरह ठीक होना चाहते हैं या उसे रिवर्स करना चाहते हैं उनके लिए बहुत ही हेल्दी डाइट लेना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा एक्सरसाइज करना जरूरी है। जबकि, दवाइयों का सेवन सही तरीके से और सही समय पर करना भी डायबिटीज के लक्षणों से राहत पाने के लिहाज से अहम है।
हालांकि, कुछ स्टडीज के अनुसार,टाइप 2 डायबिटीज से पूरी तरह ठीक होना संभव है। लेकिन, डायबिटीज से छुटकारा पाने में कितना समय लग सकता है यह अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग तरीकों से निर्भर करता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ बातों का ध्यान रखकर और डायबिटीज के लक्षणों(symptoms of diabetes) को मैनेज करने के साथ ही डायबिटीज रिवर्सल की यह प्रक्रिया शुरू हो सकती है। यहां पढ़ें कुछ ऐसी टिप्स के बारे में जो डायबिटीज की बीमारी को ठीक करने के लिहाज से मददगार साबित हो सकती हैं।
आलस और सुस्ती छोड़कर रोजाना एक्सरसाइज करें। अपनी फिजिकल एक्टिविटीज बढ़ाएं। वॉक करें, जिम जाएं, रस्सी कूदने या दौड़ने जैसी एक्सरसाइजेस करें, डांस करें या स्वीमिंग करें। इस तरह आप खुद को एक्टिव और फिजिकली फिट रख सकेंगे जिससे डायबिटीज के गम्भीर होने का रिस्क भी कम होगा
अपने रोजमर्रा के खान-पान में उन चीजों को शामिल करें जो डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद बतायी जाती हैं। इसके लिए आप अपने डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट की मदद से एक डाइट प्लान तैयार कर सकते हैं और उसमें लो-जीआई और डायबिटीक फ्रेंडली फूड्स को शामिल कर सकते हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, नींद की कमी के कारण घ्रेलिन (ghrelin) नामक हार्मोन्स उत्तेजित हो जाते हैं जो बार-बार लगनेवाली भूख बढ़ा सकते हैं। अधिक भूख लगने से आप अधिक मात्रा में खाना खाते हैं और इससे आपका मोटापा और डायबिटीज बढ़ सकता है।
रोजाना डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके और समय के अनुसार अपना ब्लड शुगर लेवल जरूर चेक करें। ऐसा करने से आप अपने ब्लड शुगर लेवल पर ना केवल नजर रख पाएंगे बल्कि, आपको इससे अपने ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करनेके लिए सही तरीके से प्लानिंग करने में भी मदद होती है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)