
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 12, 2024 11:42 PM IST
How to prevent heart attack in winters : उत्तर भारत समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सर्दियों में ठंड के कारण हमारे स्वास्थ्य पर भी बहुत गम्भीर असर पड़ता है। खासकर पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को सर्दियों का मौसम बहुत अधिक प्रभावित करता है। हार्ट पेशेंट्स के लिए भी ठंड का मौसम बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है क्योंकि ठंड के कारण उन्हें कई तरह की कॉम्प्लिकेशन्स हो सकती हैं। सर्दियों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं जिससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस साल सर्दियां शुरू होने के बाद दिल के दौरे और स्ट्रोक के मामले बढ़े हैं।
विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के आंकड़ों के अनुसार, केवल बीते 15 दिनों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं। ऐसे में डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा हार्ट पेशेंट्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। खासकर हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित मरीजों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि सर्दियों का मौसम इन लोगों के लिए ही सबसे चुनौतिपूर्ण साबित हो सकता है।
ठंड के कारण धमनियां और नसें सिकुड़ने लगती हैं ,जिससे हार्ट से जुड़ी कॉम्प्लिकेशन्स का खतरा बढ़ सकता है। दरअसल, कम तापमान के कारण खून गाढ़ा होने लगता है और खून के थक्के बनने लगते हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं हो पाता और हार्ट के लिए काम कर पाना भी मुश्किल होने लगता है।
लखनऊ स्थिति केजीएमयू अस्पतात के न्यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर रवि उनियाल ने कहा कि सामान्य दिनों में जहां उन्हें स्ट्रोक के 6-7 मामले देखने को मिलते थे वहीं सर्दियों में रोजाना 12-14 मरीज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि, स्ट्रोक और हार्ट अटैक के लगभग 50 प्रतिशत मरीजों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर है। इनमें से ज्यादार अपनी हाई बीपी की समस्या का इलाज नहीं कराते और इसी की वजह से गम्भीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा,“जब रक्त में बनने वाले थक्कों की वजह से ब्रेन की तरफ रक्त का प्रवाह रूक जाता है तो मरीज को स्ट्रोक होता है। अक्सर देखा गया है कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण जब नसें फट जाती है तो रक्तस्राव होता है। ये दोनों ही स्थितियां जानलेवा साबित हो सकती हैं।”
हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों में हार्ट अटैक का रिस्कअधिक होता है। इसीलिए ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखने के लिए डाइट, एक्सरसाइज और तनाव से बचने जैसे उपाय करें।
हाई रिस्क वाले लोगों को फ्लू की वैक्सीन भी लगवानी चाहिए। साथ ही हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और वजन कम करने जैसे उपाय करें।
अचानक मौसम बदलने और ठंड से बचने के लिए सर्दियों में में गर्म और ऊनी कपड़े पहनें। रात में सोते समय मोजे पहनें और सुबह-शाम (जब ठंड अधिक होती है) घर से बाहर निकलने से बचें।
इसके अलावा अपनी दवाएं समय पर खाएं और नियमित हेल्थ चेकअप्स जरूर कराएं। स्वास्थ्य में किसी भी तरह के बदलाव होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।