
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Shivanshu goyal
doctor's Day (Image Credit : ChatGPT)
National Doctors Day 2026 : हम अक्सर डॉक्टरों से मरीजों के लिए सलाह सुनते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि डॉक्टर अपने घर में बच्चों, माता-पिता और परिवार के लोगों को क्या हेल्थ टिप्स देते हैं? आखिर वे किन आदतों पर सबसे ज्यादा जोर देते हैं और किन गलतियों से अपनों को बचने की सलाह देते हैं? डॉक्टर डे ( National Doctors Day) के मौके पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका के असोशिएट डायरेक्टर एंड यूनिट हेड, पर्मोनोलॉजी, रेस्पिरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन, डॉ. शिवांशु राज गोयल से कुछ इसी तरह के सवाल पूछे। उनकी सलाह बताती है कि अच्छी सेहत के लिए महंगी दवाओं से ज्यादा जरूरी हैं रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें, जैसे संतुलित आहार, नियमित एक्सरसाइज, समय पर नींद, जरूरी हेल्थ चेकअप और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करना। आइए इस खास मौके पर जानते हैं कि डॉक्टर अपने परिवार को स्वस्थ रखने के लिए कौन-सी बातें हमेशा याद रखने को कहते हैं?
एक आम इंसान की तरह डॉक्टर्स को भी अपने परिवार को लेकर चिंता सताती रहती है। डॉ. शिवांशु कहते हैं, "एक डॉक्टर होने के नाते मैं अक्सर अपने मरीजों को स्वस्थ रहने की सलाह देता हूं, लेकिन सच कहूं, तो सबसे ज्यादा चिंता मुझे अपने परिवार की रहती है। चाहे बच्चे हों या बुजुर्ग माता-पिता, दोनों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए मैं उन्हें कुछ ऐसी आदतें अपनाने की सलाह देता हूं, जो दवाइयों से ज्यादा लंबे समय तक स्वास्थ्य की रक्षा करती हैं।" 
डॉक्टर कहते हैं, "बच्चों के लिए मेरी सबसे पहली सलाह है कि उनका बचपन स्क्रीन पर नहीं, मैदान में बीतना चाहिए। आजकल मोबाइल, टैब और वीडियो गेम बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं, लेकिन रोज कम से कम एक घंटा फिजिकल एक्टिविटी उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी है। साथ ही, जंक फूड को कभी-कभार तक सीमित रखना चाहिए। घर का फ्रेश खाना, मौसमी फल, हरी सब्जियाँ और पर्याप्त पानी पीने की आदत बचपन से ही डालनी चाहिए।"
डॉक्टर कहते हैं कि, "मैं अपने मरीजों के साथ-साथ अपने बच्चों से भी यही कहता हूं कि सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान न दें। पर्याप्त नींद भी उतनी ही जरूरी है। कम नींद से बच्चों की एकाग्रता, रोग प्रतिरोधक क्षमता और व्यवहार तीनों प्रभावित हो सकते हैं। समय पर सोने और उठने की आदत उनके संपूर्ण विकास में मदद करती है।"
डॉ. शिवांशु कहते हैं, "जहां तक माता-पिता की बात है, मेरी सबसे बड़ी सलाह है कि वे अपनी तकलीफों को उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर न टालें।" डॉक्टर कहते हैं कि, "अक्सर बुजुर्ग घुटनों का दर्द, भूलने की समस्या, लगातार थकान या सांस फूलने जैसी शिकायतों को उम्र हो गई है कहकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार ये लक्षण किसी गंभीर बीमारी की शुरुआत हो सकते हैं। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर डॉक्टर से परामर्श बहुत ही जरूरी है।"

डॉक्टर का कहना है कि, "मैं अपने माता-पिता को रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलने, हल्का व्यायाम या योग करने की सलाह देता हूं। इससे न सिर्फ शरीर एक्टिव रहता है बल्कि मेंटल हेल्थ भी बेहतर रहता है। अगर किसी डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट डिजीज जैसी पुरानी बीमारी है, तो दवाइयां नियमित रूप से लेना और डॉक्टर की सलाह के बिना उन्हें बंद न करना बहुत जरूरी है।"
डॉक्टर इस सवाल का जवाब देते हुए कहते हैं कि, "इस बात पर मैं विशेष जोर देता हूं। क्योंकि हमारे लिए मेंटल हेल्थ भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना शारीरिक स्वास्थ्य। बच्चों के साथ बातचीत, बुजुर्गों का सामाजिक रूप से एक्टिव रहना और परिवार के साथ खाना खाने से स्ट्रेस को कम करने में मदद मिल सकती है।"