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45+ महिलाओं में ज्यादा रहता है इन 5 बीमारियों का खतरा, जरूर कराएं रेगुलर चेकअप

Health Problems in Women: 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को अपनी सेहत का अतिरिक्त ख्याल रखने की जरूरत होती है। क्योंकि इस उम्र में कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

45+ महिलाओं में ज्यादा रहता है इन 5 बीमारियों का खतरा, जरूर कराएं रेगुलर चेकअप
45 साल के बाद होने वाली बीमारियां
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Archana Dhawan Bajaj

Written by Anju Rawat |Published : March 21, 2026 2:59 PM IST

Health Problems in Women: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं इंसान को घेर लेती हैं। खासकर, महिलाओं को बढ़ती उम्र में ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 45 साल की उम्र के बाद ज्यादातर महिलाओं में मेनोपॉज शुरू हो जाता है, जिसकी वजह से उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे 45 साल के बाद महिलाओं में मेनोपॉज के लक्षण नजर आना आम है, लेकिन इनके अलावा भी कुछ बीमारियां हैं जो इस उम्र में ज्यादा देखने को मिलती हैं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर बीमारियों के लक्षण महसूस हो जाते हैं और समय रहते इनका इलाज किया जा सकता है। लेकिन, अगर इनकी अनदेखी की जाए तो ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं और महिला के लिए जानलेवा बन सकती हैं। तो आइए, नर्चर की स्त्री रोग विशेषज्ञ से जानते हैं कि 45 साल के बाद महिलाओं में कौन-सी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है?

45+ महिलाओं में होने वाली आम बीमारियां

1. ऑस्टियोपोरोसिस

45 साल के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डियां काफी कमजोर हो जाती हैं। इस बीमारी में हड्डियों का घनत्व भी कम हो जाता है। इस स्थिति में छोटी-सी चोट लगने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है। अगर किसी महिला को 45 साल में मेनोपॉज होता है, तो उसमें इस बीमारी का खतरा ज्यादा हो सकता है। अगर आपको पीठ में तेज दर्द, जोड़ों में दर्द और बार-बार फ्रैक्चर जैसे लक्षण दिखते हैं, तो ये ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत हो सकते हैं। इस बीमारी के कई कारण होते हैं। इसमें शामिल हैं-

  • इस उम्र के बाद शरीर में एस्ट्रोजन की कमी होना
  • कैल्शियम और विटामिन डी की कमी
  • शारीरिक रूप से सक्रिय न रहना

2. हाई ब्लड प्रेशर

45+ महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी ज्यादा रहता है। इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। हाई बीपी एक ऐसी स्थिति है, जिसमें धमनियों में खून का दबाव बढ़ जाता है। अगर लंबे समय तक बीपी को कंट्रोल न किया जाए तो हृदय, किडनी और ब्रेन हेल्थ को नुकसान पहुंच सकता है। आमतौर पर शुरुआती चरण में हाई बीपी का कोई लक्षण महसूस नहीं होता है, लेकिन बार-बार सिरदर्द, चक्कर आना, सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना आदि हाई बीपी का संकेत हो सकते हैं। इस उम्र की महिलाओं में बीपी बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे-

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  • इस उम्र में मोटापे की वजह से बीपी बढ़ सकता है।
  • ज्यादा नमक का सेवन भी बीपी को बढ़ा सकता है।
  • शारीरिक गतिविधि की कमी से बीपी का लेवल बढ़ सकता है।

3. डायबिटीज

45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में डायबिटीज का खतरा भी ज्यादा बना रहता है। आपको बता दें कि टाइप-2 डायबिटीज एक मेटाबॉलिक रोग है। इसमें शरीर सही तरीके से इंसुलिन का उपयोग नहीं कर पाता है। या फिर शरीर में इंसुलिन का पर्याप्त उत्पादन नहीं हो पाता है। इसकी वजह से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। जब शरीर में लंबे समय तक ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहता है, तो किडनी और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, थकान-कमजोरी, घाव भरने में देरी, धुंधला दिखाई देना आदि डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं।

4. थायराइड रोग

45 साल की उम्र के बाद महिलाओं में थायराइड रोग का खतरा काफी बढ़ जाता है। थायराइड एक छोटी-सी ग्रंथि होती है, जो गर्दन के सामने की तरफ स्थित होती है। यह ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। जब महिलाओं में थायराइड रोग विकसित होता है, उनका वजन अचानक से कम या ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा, हेयर फॉल, ड्राई स्किन, मूड स्विंग्स आदि भी थायराइड रोग के संकेत हो सकते हैं। शरीर में हार्मोनल बदलाव, ऑटोइम्यून रोग और आयोडीन की कमी आदि की वजह से थायराइड रोग पैदा हो सकता है।

5. ब्रेस्ट कैंसर

ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम प्रकार के कैंसर में से एक है। 45+ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा सामने आते हैं। जब स्तन की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तब ब्रेस्ट कैंसर विकसित होता है। स्तन में गांठ बनना, स्तन के आकार में बदलाव, स्तन में दर्द और निप्पल से डिस्चार्ज आदि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।

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Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।