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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:33 AM IST
स्रोत – IANS Hindi
खतरनाक जीका वायरस के बारे में एक नई परेशान करने वाली खोज सामने आई है। स्टेम सेल जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन से ये जानकारी मिली है कि जीका वायरस से लैस मच्छर के संक्रमण से मनुष्यों के मस्तिष्क की एक खास किस्म की कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं। इस अध्ययन में कहा गया है कि संक्रमण के बाद यह विषाणु तेजी से अपनी संख्या बढ़ाने लगता है, जिससे कोशिकाएं पूरी तरह से मर जाती है और उनकी बढ़त भी रुक जाती है। पढ़ें: डब्ल्यूएचओ : 34 देशों में जीका वायरस के मामले
अमेरिका के फ्लोरिडा स्टेट विश्वविद्यालय के विरोलोजिस्ट व शोध के प्रथम लेखक हेंगली टांग ने कहा, "हम संक्रमण और संभावित न्यूरोलॉजिक क्षति के बीच के संबंध को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसे समझने के बाद जीका का टीका बनाना आसान हो जाएगा। "
क्या है जीका वायरस
जीका विषाणु का संक्रमण एडीज प्रजाति के मच्छरों के काटने से होता है, जो डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की तरह जमा साफ पानी में पैदा होते हैं। डेंगू के मच्छर की तरह ही यह भी दिन में ही काटते हैं। इस वायरस की रोकथाम के लिए अभी कोई विशेष उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है। इस वायरस की पहचान सबसे पहले 1947 में अफ्रीका में रहने वाले बंदरों में हुई थी। पिछले साल यह वायरस एक महामारी की तरह अमेरिका में फैला और अब ब्राजील में भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, जीका विषाणु के संक्रमित व्यक्ति में हल्का बुखार, त्वचा पर चकत्ते और आंखों में जलन जैसी परेशानियां होती हैं।
चित्र स्रोत - Shutterstock