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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 8:12 PM IST
अगर आपको लगता है कि पुरूष ज़्यादा जागते हैं और महिलाएं कम, तो आप गलत साबित हो सकते हैं। असल में, पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अनिद्रा बीमारी की अधिक शिकार होती हैं, जिसका कारण अनुवांशिक है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। महिलाओं में अनिद्रा की अनुवांशिकता की संभावना 59 फीसदी, जबकि पुरुषों में 38 फीसदी होती है।
अमेरिका के रिचमंड स्थित वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी में डॉक्टरेट कर रही व अध्ययन की लेखक मैकेंजी लिंड ने कहा, "यह अध्ययन दर्शाता है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अनिद्रा के लक्षणों के विकास में जींस महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जो वयस्क के नमूने में लैंगिक असमानता के लिए पहला औपचारिक सबूत प्रदान कर रहा है।"
पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अनिद्रा की बीमारी बेहद आम है, जिसमें सोने में परेशानी होती है। शोध दल ने वर्जीनिया एडल्ट स्टडीज ऑफ साइकियाट्रिक एंड सब्सटांस यूज डिजॉर्डर से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया, जो लगभग 7,500 प्रतिभागियों के आंकड़े प्रस्तुत करता है।
यह अध्ययन पत्रिका 'स्लीप' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS
चित्र स्रोत: Shutter Stock
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