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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 7:39 PM IST
आम तौर पर लोग बीमारी के प्रथम अवस्था में बिना डॉक्टर की सलाह लिये खुद ही अपना उपचार कर बैठते हैं, जो बिल्कुल सही नहीं है। इस मामले में 'वाट्सएप डॉक्टर' से चिकित्सकीय मदद लेना अच्छा होता है।
जब आप बीमार पड़ते हैं या चिकित्सकीय मदद की आवश्यकता होती है, आप क्या करते हैं? जवाब है अपने फैमिली डॉक्टर या निकटवर्ती मेडिकल स्टोर का रुख करते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक, अब आपके पास सोशल मीडिया का विकल्प भी है। पढ़े- अब ऐप की मदद से लीजिए मुफ्त डॉक्टरी सलाह
भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति आज सोशल नेटवर्किंग साइट वाट्सएप, ट्विटर व फेसबुक पर मौजूद है। कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मरीजों की मदद करने के लिए कर रहे हैं। वे उन्हें इलाज के बारे में निर्देशित करते हैं, सर्जरी के बाद आवश्यक सुझाव देते हैं और अन्य चिकित्सकीय सुझाव देते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंडियन स्पाइन इंजरिज सेंटर में चिकित्सकीय निदेशक व स्पाइन रोग प्रमुख डॉक्टर एच.एस.छाबड़ा ने कहा, 'मरीजों तक पहुंचने के लिए हम वाट्सएप, स्काइप तथा वाइबर का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। वर्तमान में 180 से अधिक मरीज वाट्सएप पर हमसे संपर्क में हैं, जबकि स्काइप पर 30, जो ऑनलाइन परामर्श का फायदा उठा रहे हैं।' भारत में वर्तमान में 14.3 करोड़ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें से 2.5 करोड़ लोग ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। पढ़े- डॉक्टर से हुई मुलाक़ात को कारगर बनाने के 15 नुस्खे
इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की प्रवृत्ति भारत में तेजी से बढ़ रही है। अनिल कालरा (27) का मामला ही लें, जिन्हें दिसंबर 2012 में रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट की बात सामने आई थी। इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में ऑपरेशन के बाद उनका चार महीने तक रिहैबिलिटेशन चला। इस दौरान चिकित्सकों उन्हें स्काइप पर छह सप्ताह तक रोजाना 45 मिनट तक स्वास्थ्य संबंधी सुझाव देते रहे। ऑनलाइन परामर्श से कालरा बेहद खुश हैं और अब स्वस्थ हैं। डॉ.छाबड़ा ने कहा, 'कालरा का मामला इंटरनेट तथा सोशल मीडिया की महत्ता को दर्शाता है।'
दिल्ली में आईवीएफ सेंटर चलाने वाली महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.अर्चना धवन बजाज भी मरीजों के कल्याण के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'अपने मरीजों के साथ रचनात्मक वार्ता के लिए मैं ट्विटर, फेसबुक तथा यू ट्यूब का इस्तेमाल करती हूं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सोशल मीडिया बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जरूरत है कि लोगों में इसके प्रति जागरूकता फैलाई जाए।'
लुधियाना में सिबिया मेडिकल सेंटर चलाने वाले डॉ.एस.एस.सिबिया ने कहा, 'चिकित्सा के क्षेत्र में नेटवर्किं ग की ताकत को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। कई मरीज हमसे सोशल मीडिया के सहारे जुड़ रहे हैं। इनमें से कई लोगों ने अपनी बीमारी के बारे में फेसबुक व वाट्सएप पर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है, साथ ही संभावित इलाज भी।' उन्होंने कहा, 'इसने कई लोगों की जान बचाई है।'
नई दिल्ली स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ने वाट्सएप पर स्तन कैंसर के कई मरीजों को विशेषज्ञों से जोड़ रखा है, जो उन्हें परामर्श प्रदान करने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं। मैक्स अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी की निदेशक डॉ.अनुपमा हुडा ने कहा, 'हमारे पास वाट्सएप ग्रुप में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी व ऑन्कोसर्जरी विशेषज्ञ हैं। इसलिए जब भी कोई मरीज कुछ पूछता है, तो उपलब्ध विशेषज्ञ उसका जवाब देते हैं।'
हाल में अमेरिका में किए गए एक सर्वे में लगभग 57 फीसदी लोगों ने फेसबुक तथा ई-मेल पर अपने चिकित्सकों तक पहुंचने में दिलचस्पी जताई है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty image
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