... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:40 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
बारिश के इस मौसम में डेंगू होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन मुश्किल की बात ये है कि एक बार डेंगू हो जाने के बाद फिर से होने पर खतरा सौ गुना बढ़ जाता है। अगर आपको पहले डेंगू हो चुका है तो इसके दूसरे हमले से सावधान रहें क्योंकि यह पहले ये ज्यादा खतरनाक हो सकता है। डेंगू चार किस्म का होता है और हर किसी के जीवन में चार बार डेंगू हो सकता है।
बार-बार होने वाला डेंगू जानलेवा हो सकता है। डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को मलेरिया भी साथ में हो सकता है। यह दोनों मिल कर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम कर सकते हैं जिससे समस्या बढ़ सकती है। यह जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद महासचिव पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल ने दी। उन्होंने कहा कि डेंगू के मौसम में बुखार आने पर एस्प्रिन नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इससे ब्लीडिंग शुरू हो सकती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले डेंगू के लक्षण के बार में पता हो। लेकिन डेंगू होने पर बहुत कम लोगो ंको ये पता होता है कि इस दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
उन्होंने कहा कि डेंगू होने पर बुखार ठीक होने के दो दिन के अंदर जो भी समस्याएं हो, जैसे पेट में दर्द, चक्कर आना या कमजोरी हो तो डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डेंगू में समस्याओं का कारण रक्त की घणता में बदलाव की वजह से होता है और मरीज को काफी मात्रा में तुरंत तरल खुराक या ड्रिप की जरूरत होती है। तब तक प्लेटलेट्स देने की कोई जरूरत नहीं होती जब तक यह कम होकर मूल प्लेट्लेट्स का 2 प्रतिशत न रह जाएं। जानिये क्या सचमुच पपीते के पत्ते का जूसडेंगू में प्लेटलेट्स का काउन्ट बढ़ाने में काम करता है?
चित्र स्रोत: Shutterstock.