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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि योगअगर मधुमेह को जड़ से नहीं उखाड़ सकता तो कम से कम इस पर नकेल अवश्य कस सकता है। यहां दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर उमड़े योगार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश में मधुमेह की समस्या का सामना करने के लिए जनांदोलन की शुरुआत योग के जरिए होनी चाहिए। मोदी ने योगार्थियों से अगले साल होने वाले तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व मधुमेह विषय पर तव्वजो देने की अपील की।
मोदी ने कहा, 'यह पूरे साल का मुख्य मुद्दा होना चाहिए। मधुमेह के मामलों की संख्या बढ़ रही है। मुझे नहीं मालूम की मधुमेह को योग के जरिये जड़ समेत उखाड़ा जा सकता है या नहीं, लेकिन इससे इस पर काबू यकीनन पाया जा सकता है।' उन्होंने कहा, 'हम बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए हर साल एक नई बीमारी पर चर्चा कर सकते हैं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि योग आपको 'शून्य बजट' में हेल्दी रखने का एक मात्र जरिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि योग दुनियाभर में एक बड़ी आर्थिक गतिविधि बन गया है और यह 'शून्य बजट' में स्वास्थ्य लाभ देता है। मोदी ने यहां दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कैपिटल कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक खास कार्यक्रम में 30,000 से अधिक योगार्थियों की अगवानी की। उन्होंने कॉम्प्लेक्स में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'शून्य बजट में कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं मिलता है, लेकिन योग शून्य बजट में स्वास्थ्य आश्वासन देता है। भारत जैसे विकासशील देश अगर निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान दें, तो हम बहुत बचत कर सकते हैं।'
मोदी ने कहा, 'निवारक देखभाल के तरीकों में योग सबसे किफायती एवं सुगम है इसलिए योग को हमारी जिदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है।' उन्होंने कहा कि योग आज लोगों को जोड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'योग दुनियाभर में एक बड़ी आर्थिक गतिविधि है। यह एक पेशा है।'
चित्र स्रोत: Shutterstock