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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:29 AM IST
विद्या बालन के वज़न को लेकर हमेशा से ही विवाद रहा है। वह हर मूवी के कैरेक्टर के साथ इंसाफ करने के लिए अपने वेट को लूज़ और गेन करती रहती हैं। इससे यह बात साफ जाहिर होती है कि वह अपने फिटनेस को लेकर कितनी सजग है। वह कार्डियो करने के साथ-साथ लाइट वेट एक्सरसाइज़ भी करती हैं। और एक विशेष प्रकार कैलीस्थैनिक्स (calisthenics) एक्सरसाइज़ करती हैं। वैसे उन्होंने अपनी आने वाली मोहित सुरी कृत फिल्म ‘हमारी अधुरी कहानी’ के लिए वज़न नहीं घटाया है।
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अनुवादक: Mousumi Dutta
साल 2015 के आख़िरी दिन बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन के लिए अच्छा नहीं रहे। जानकारी के अनुसार, विद्या हिन्दुजा हॉस्पिटल, मुम्बई में कल किडनी की पथरी होने के संदिग्धता पर इलाज के लिए भर्ती हुई है। वो और उनके पति सिद्धार्थ राय नए साल और उनके जन्मदिन को मनाने के लिए इस शहर की भीड़ भाड़ से दूर अबू धाबी जा रहे थे। लेकिन उनके पीठ में अचानक बहुत दर्द शुरू हो गया जिसके कारण उन्हें अपनी योजना को रद्द करके हॉस्पिटल जाना पड़ा। पढ़े- किडनी का कैसे रखें ख्याल
वहां पहुंचने के बाद विद्या की हालत खराब हो जाने के कारण उन दोनों को मुम्बई के लिए अगली ही फ्लाइट लेकर वापस आना पड़ा और हिन्दुजा हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। टेस्ट करने के बाद किडनी की पथरी होने का संदेह किया जा रहा है। इस ख़बर की पुष्टि विद्या के एक स्पोक पर्सन ने ये कहकर किया है कि अब वे डॉक्टर्स के निगरानी में हैं और पहले से बेहतर हालत में हैं। पढ़े- किडनी की पथरी नैचुरल तरीके से निकालने का अनोखा तरीका!
किडनी स्टोन होता क्या है?
किडनी से जो कैल्सियम, ऑक्ज़ालेट और फॉस्फोरस निकलता है और गाढ़ा होकर ठोस रूप धारण करके किडनी की पथरी बन जाती है। ये किडनी स्टोन या पथरी या तो किडनी में ही रहता है या यूरीनरी ट्रैक्ट में घुमता रहता है। किडनी की पथरी कई आकार के होते हैं। जब ये पथरी छोटे होते हैं तब आसानी से यूरीनरी ट्रैक्ट में घुमफिर पाते हैं और कोई दर्द या समस्या भी महसूस नहीं होती है। लेकिन जब इसका आकार बढ़ने लगता है तब ये यूरीनरी ट्रैक्ट में जाकर अटक जाता है और तब प्रॉबल्म की शुरूआत होती है। मू्त्र त्याग करने में असुविधा होती है, कभी-कभी खून भी निकलने लगता है, पीठ के नीचले हिस्से में दर्द, उल्टी या मतली का एहसास होता है।
किडनी की पथरी का उपचार उसके आकार के ऊपर निर्भर करता है। अगर पथरी आकार में छोटी है तो प्रचुर मात्रा में पानी पीने से, पेन मेडिकेशन और एन्टीस्पैस्मोडिक ड्रग (दर्दनिवारक दवा) लेने से निकल भी सकती है। लक्षण के ठीक हो जाने के बाद अल्ट्रासाउन्ड या सीटी स्कैन करवाकर देख लें। लेकिन दोबारा किडनी स्टोन न हो इसके लिए अपनायें ये टिप्स।
चित्र स्रोत: Getty images