अगर फ़्लू से बचना है टीका देना न भूलें

फ़्लू होने से पहले रोकथाम है ज़रूरी।

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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 7:39 PM IST

इंफ्लुएंजा को सामान्य रूप से फ़्लू कहा जाता है, जो एक वायरल संक्रमण है जो श्वास से संबंधित प्रणाली- नाक, गला व फेफड़ों पर हमला करता है| इंफ्लुएंजा सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है, लेकिन बच्चों तथा जिनकी रोग-प्रतिरोधक प्रणाली (imminity system) कमजोर पड़ चुकी है, उनके लिए यह भयानक रूप धारण करता है।

वैश्विक स्तर पर इंफ्लुएंजा के हमले की अनुमानित वार्षिक दर वयस्कों में 5%–10% और बच्चों में यह 20%–30% है| भारत में हाल ही में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार सभी तीव्र श्वास संक्रमण [एआरआई] में इसकी हिस्सेदारी करीब 5-10% है| इंफ्लुएंजा यूआरआई की रिपोर्ट में वाकए 10/ 100 बाल वर्ष पाए गए|

चूँकि बच्चे उच्च जोखिम पर हैं, इसलिए स्वस्थ बालक इंफ्लुएंजा संक्रमण के होने व उससे पीड़ित होने में समान जोखिम पर हैं| वर्ष 2009 में यूएस में विश्वव्यापी रोग में बच्चों में हुई मौतों में 47% किसी भी अंतर्निहित स्थिति में नहीं हुई थी| यहाँ तक कि इंफ्लुएंजा होने के पहले अस्पताल में दाखिल 43% बच्चे स्वस्थ थे| [पेडियाट्रिक्स 2014; 134:ई1503-ई1519]

जब कोई खाँसता, छींकता या बात करता है तब फ़्लू के वायरस बूंदों के रूप में हवा में सफ़र करते हैं| इन बूंदों को कोई सीधे ही श्वास में ले सकता है या कीटाणुओं को कोई वस्तु- जैसे कि टेलीफोन या कंप्यूटर कीबोर्ड पर से ले सकता है- और फिर आँखों, नाक या मुँह से उन्हें अंतरित कर सकता है| वे लोग जिन्हें वायरस है, वे संभवित रूप से संक्रमित हो जाते हैं, लक्षण पहली बार प्रकट हों उसके पहले से लक्षण की शुरुआत से पाँच से 10 दिन के होने तक|

सामान्य लक्षणों में शामिल हैं तेज बुखार (101ºफे-102ºफे) जो अचानक शुरू हो जाता है, मांसपेशी/ शरीर में दर्द, ठंड लगना, थकान व अचानक हमले की शुरुआत से| बारंबार इंफ्लुएंजा होने से लोग बच्चे पढ़ने या बड़े काम पर नहीं जा पाते हैं व कुछ मामलों में निमोनिया जैसी गंभीर जटिलताएँ भी हो जाती हैं|

डॉ. पंकज गर्ग, वरिष्ठ परामर्शदाता, नियोनेटोलोजिस्ट, सर गंगाराम अस्पताल, 'आबादी में बच्चे मुख्य फैलानेवाले हो सकते हैं, क्योंकि वे एक-दूसरे के तथा परिवार के सदस्यों के साथ बारंबार संपर्क में आते हैं, अतः वे वयस्कों की तुलना में इंफ्लुएंजा संक्रमण के प्रति अधिक ग्रहणशील होते हैं और इसलिए अधिक मात्रा में वायरस लंबे समय तक फैलाते रह सकते हैं| बच्चे जो 4–6 वर्ष के हैं, वे अधिकतम संचरण संभावना [ताईपेई] वाले होते हैं|'

विद्यालय तंत्र में सामयिक महामारी के इंफ्लुएंजा का संचरण ठीक तरह से प्रलेखित है और वह विस्फोटक व तेजी से आगे बढ़नेवाला हो सकता है, जो छात्रों व स्टाफ के उल्लेखनीय भाग को प्रभावित कर सकता है- बीमार व्यक्ति से संपर्क हो सकता है, बीमार व्यक्ति से कक्षा का कमरा साझा हो सकता है, छात्रावास में रुकना व शाला से संबंधित उन गतिविधियों में भाग लेना जिसमें बड़ी भीड़ हो जाती हो|

बच्चों में उल्लेखनीय रुग्णता और मृत्यु दर के लिए इंफ्लुएंजा उत्तरदायी है| बच्चों में वार्षिक महामारी के दौरान हमले की दर सतत अधिकतम है| रोग नियंत्रण व रोकथाम केन्द्रों [सीडीसी] के अनुसार पिछले वर्षों में 90% बाल मौतें गैर-टीकाकृत बच्चों में हुई हैं| बच्चों में इंफ्लुएंजा के खर्च में प्रत्यक्ष चिकित्सकीय देखभाल का खर्च तथा उत्पादकता की हानियों के कारण होनेवाला अप्रत्यक्ष खर्च भी सम्मिलित है|

डॉ. पंकज गर्ग बताते हैं, 'बच्चे किसी भी राष्ट्र का भविष्य होते हैं, लेकिन इंफ्लुएंजा का अधिक बोझ उनके दैनिक जीवन को बिगाड़ सकता है| वे शाला नहीं जा पाते हैं और बहुत कमजोर हो जाते हैं| फ़्लू की रोकथाम के लिए हमारे पास सही वक्त के लिए टीका है तो फिर क्यों नहीं उपयोग करें|'

वर्ष 2009-2010, 2013 में तथा इस वर्ष के प्रारंभ में भी हम साक्षी रहे हैं, कि फ्ल्यू ने हजारों जाने ली हैं, लेकिन फिर भी सारे हथियार होने के बावजूद हम इसके साथ संघर्ष करने के लिए तैयार नहीं हैं| इंफ्लुएंजा से रोकथाम का श्रेष्ठ तरीका है कि इंफ्लुएंजा का टीका ले लिए जाए|

डॉ. पंकज गर्ग,' चूंकि बच्चे स्वयं की चिंता नहीं करते और न ही वे सावधानियाँ बरतते हैं, इसलिए इंफ्लुएंजा उन्हें जल्दी हो जाता है| यह माता-पिता की जवाबदारी है कि वे अपने बच्चों को स्वस्थ व दुरुस्त रखें| आईएपी अनुशंसा करती है कि जो कोई भी छह माह या उससे अधिक का हो वह वार्षिक टीका ले ले|'

टीकाकरण अब 2 रूपों में उपलब्ध है अर्थात नाक से लेने वाला व इंजेक्शन का और इनमें से कोई भी एक लिया जा सकता है| गर्भवती महिलाओं व उम्रदराज व्यक्तियों को भी इंफ्लुएंजा की बहुत जोखिम रहती है और उनका भी टीकाकारण होना चाहिए|

संदर्भ:

1. इंडियन पेडियाट्रिक्स 2013; 50: 867-874; Journal of Infection जर्नल ऑफ इंफेक्शन (2014) 68, S100eईS107

2. https://aapnews.aappublications.org/content/early/2014/12/05/aapnews.20141205-1

1.1 https://emedicine.medscape.com/article/972269-overview

चित्र स्रोत:  Shutterstock


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