सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, बड़ों के लिए भी है टीकाकरण ज़रूरी

क्या बड़ों को भी Vaccination देना चाहिए?

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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:37 AM IST

मूल स्रोत: IANS Hindi

आम तौर पर लोगों की ये धारणा होती है कि बच्चे को ही सिर्फ टीका देना ज़रूरी होता है। लेकिन आप गलती ये कर रहे हैं कि 65 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को भी टीका देना उतना ही ज़रूरी होता है। विश्व टीकाकरण सप्ताह के दौरान वैश्विक जागरूकता अभियान के तहत टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के लिए टीकाकरण करवाने की दर बढ़ाने और जागरूकता फैलाने की कोशिश अप्रैल के अंतिम सप्ताह में की जाती है। इस मौके पर आईएमए टीकाकरण को गंभीरता से लेने के लिए जागरूकता बढ़ा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद महासचिव डॉ के.के. अग्रवाल कहते हैं, 'टीकाकरण हमें बचपन से लेकर बुढ़ापे तक 25 बीमारियों और संक्रमण से बचाता है। लेकिन लोगों में इस बारे में जागरूकता की बहुत कमी है। लोग यह तो जानते हैं कि बच्चों को टीकाकरण की आवश्यकता होती है, लेकिन वह बड़ों के टीकाकरण को नजरअंदाज कर देते हैं। टीकाकरण हमें गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचा सकता है और समय पर करवाई गई वैक्सीनेशन विशेषकर 65 साल से जयादा उम्र के लोगों की वैक्सीनेशन काफी अहम होती है।' पढ़े-  चिकनपॉक्स वैक्सीन पहुंचा सकती है आंखों को ये नुकसान

कुछ सूत्र-

* 18 साल से उपर उम्र के सभी लोंगों का टीकाकरण होना चाहिए। 65 साल से ज्यादा डायब्टिक्स और हार्ट पेशेंट के लिए भी यह बेहद आवश्यक है।

* हर दस साल बाद टेटनस टॉक्साइड का टीका लगवाना चाहिए और हर पांच साल बाद एक एक्सट्रा डोज दिलवानी चाहिए।

* 60 से ज्यादा उम्र वालों को हरपस जोसटर की जरूरत पड़ सकती है।

* सभी बालिगों को हैपेटाइटस बी देना चाहिए।

* बालिगों को ज्यादातर वैक्सीनेशन कंधे के मसल पर दी जाती है।

* निमोनिया और फ्लू की वैक्सीनेशन एक साथ दी जा सकती है।

* सभी टीके सुरक्षित होते हैं और इनके बेहद मामूली साइड इफेक्ट होते हैं।

* रिसर्च में पता चला है कि दिल के रोगियों और डायबिटिक को टीकाकरण से बीमारियों और जानलेवा स्थितियों से बचने में मदद मिलती है।

चित्र स्रोत: Shutterstock 


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