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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 8:12 PM IST
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में अगस्त और सितंबर, 2015 में डेंगू के मामले में वृद्धि होने के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए मंत्रालय और दिल्ली सरकार की ओर से किए गए विभिन्न उपायों की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली सरकार को यह निर्देश देने का निर्णय लिया है कि डेंगू के मरीजों के उपचार के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा किसी प्रकार अधिक शुल्क वसूलने के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो। पढ़े- पपीते के पत्ते के जूस से करें डेंगू का इलाज, जानिये कैसे
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को यहां कहा कि डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है और अस्पतालों को मरीजों के लिए उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 1,000 नए बेड खरीदने का आदेश भी दिया गया है। जैन ने कहा, 'पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू के मरीजों के लिए बेडों की संख्या तीन गुनी तक बढ़ाई गई है, लेकिन लोगों का अस्पतालों तक पहुंचने का मुख्य कारण उनका भयभीत होना है।' पढ़े- डेंगू के 11 लक्षणों के बारे में जानें
स्वास्थ्य निदेशक, स्वास्थ्य सचिव तथा वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों सहित अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में डेंगू के खतरे का जायजा लिया। उन्होंने दिल्ली के प्रशासनिक अधिकारियों को डेंगू के प्रसार को रोकने से बचाव के लिए प्रभावी उपाय करने और राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को इस बात से जागरूक करने के लिए कहा कि बीमारी से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। पढ़े- डेंगू: कारण, लक्षण और बचने के उपाय
जैन ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, 'डेंगू स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता डेंगू के मरीजों का इलाज करना है।' जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य सचिव की उपस्थिति में मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों व क्षेत्रीय स्वास्थ्य निदेशकों, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशकों तथा मंडल आयुक्त की बैठक को संबोधित करते हुए जैन ने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों को खुद इलाज करने के विपरीत प्रभावों से जागरूक करना है। पढ़े- डेंगू रोगी के लिए आहार-योजना
उन्होंने कहा कि अस्पतालों को निर्देश भी दिया गया है कि वह डेंगू से पीड़ित मरीजों को भर्ती करने से इंकार न करें। उन्होंने लोगों से सरकारी अस्पतालों में डेंगू की मुफ्त में जांच कराने की अपील की।
जैन ने कहा, 'जांच किट तथा डेंगू के इलाज से संबंधित तमाम सुविधाएं सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं और रोगियों के इलाज में इसे आड़े नहीं आने दिया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'संबंधित कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर यह देखना कि वहां मच्छरों के प्रजनन की जगह न हो, यह सुनिश्चित करने में किसी भी प्रकार की अनियमितता सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।' आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 5 सितम्बर तक डेंगू के 1,259 मामले दर्ज किए गए थे। साल 2010 के बाद यह सबसे अधिक मामले हैं।
स्रोत: IANS
चित्र स्रोत: Shutter Stock
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