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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 8:12 PM IST
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि छोटी-छोटी बातें आपको हेल्दी बना सकती है, अगर आप इन बातों पर ध्यान दें। दुनियाभर में होने वाली अधिकांश मौतों का कारण अस्वास्थ्यकर आहार, उच्च रक्तचाप, असुरक्षित जल का इस्तेमाल, गंदगी और बिना हाथ साफ किए भोजन करना है। एक महत्वपूर्ण अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेटरिक्स एंड इवैल्युएशन (आईएचएमई), युनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन तथा युनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न ने 88 देशों में साल 1990-2013 के बीच मौत के 79 जोखिम कारकों के अध्ययन के बाद पाया कि मौत के जोखिमों में गहरा परिवर्तन हो रहा है।
आईएचएमई के निदेशक डॉ.क्रिस्टोफर मुर्रे ने कहा, 'धूम्रपान, अस्वास्थ्यकर आहार तथा पर्यावरण संबंधी जोखिमों जैसे वायु प्रदूषण से दूर रहकर हम स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।' वायु प्रदूषण, अस्वास्थ्यकर आहार से लेकर गंदा पानी लगातार हो रही मौतों के लिए जिम्मेदार हैं और ये कारक बीमारियों में महत्वपूर्ण रूप से इजाफा कर रहे हैं।
बीमारियों के आंकड़े के 25 वर्षो के अध्ययन के दौरान यह खुलासा हुआ है कि मौत के नए जोखिम कारकों से दुनियाभर में साल 2013 में लगभग 3.1 करोड़ लोगों की मौत हुई, जबकि साल 1990 में यह आंकड़ा 2.5 करोड़ था। शोधकर्ताओं ने 'द लैंसेट' में प्रकाशित अध्ययन में कहा, 'दक्षिण व दक्षिण-पूर्व एशिया में वायु प्रदूषण सबसे महत्वपूर्ण जोखिम है, जबकि भारत गंदा पानी व कुपोषण जैसे मौत के जोखिमों की चपेट में है।'
मध्य पूर्व व लैटिन अमेरिका में मोटापा स्वास्थ्य खराब होने के सबसे गंभीर जोखिमों में एक है। निष्कर्ष के मुताबिक, 'रूस में जोखिम जैसे शराब दूसरे स्थान पर है, जबकि उच्च आय वाले देशों जैसे ब्रिटेन में धूम्रपान सबसे गंभीर जोखिम है।'
वहीं, अन्य देशों से अलग उप सहारा अफ्रीका में कुपोषण, गंदा पानी, स्वच्छता में कमी, असुरक्षित यौन संबंध व शराब का इस्तेमाल गंभीर जोखिमों में शामिल है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाली 38 फीसदी मौतें असुरक्षित यौन संबंधों के कारण होती है। युनिवर्सिटी ऑफ मेलबॉर्न में प्रोफेसर अलान लोपेजन ने कहा, 'इन जोखिम कारकों में से अधिकांश को जीवनशैली में परिवर्तन कर बचाव किया जा सकता है।'
स्रोत: IANS
चित्र स्रोत: Shutter Stock
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