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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:30 AM IST
स्रोत - IANS Hindi
मस्तिष्क को पहुंचने वाली हर चोट जितनी गंभीर और संवेदनशील होती है, उससे जुड़ा उपचार भी उतना ही गंभीर होता है। उपचार में होने वाली ज़रा सी असावधानी या दिक्कत पूरे शरीर पर असर डालती रहती है। इसलिए समय-समय पर वैज्ञानिक ऐसे आविष्कार करते रहते हैं जिससे ये प्रक्रिया आसान हो सके। हाल ही में एक इसी से संबंधित खबर आई है कि मस्तिष्क में चोट वाले मरीजों के इलाज के दौरान, मस्तिष्क का तापमान व दबाव मापने के लिए मस्तिष्क में लगाए गए ब्रेन सेंसर्स को निकालने के झंझट से मरीज व चिकित्सक दोनों को छुटकारा मिल गया है। न्यूरोसर्जन व इंजीनियरों के एक दल ने एक ऐसे वायरलेस ब्रेन सेंसर्स का विकास किया है, जो मस्तिष्क के अंदर के दबाव व तापमान को माप सकता है, साथ ही इसे बाहर निकालने के लिए आगे किसी और सर्जरी की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि यह शरीर में ही स्वत: घुल जाएगा और शरीर द्वारा अवशोषित कर लिया जाएगा।
अमेरिका के सेंट लूईस में वाशिंगटन युनिवर्सिटी ऑफ स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों तथा अर्बना-शैंपेन में युनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस के इंजीनियरों द्वारा विकसित वायरलेस ब्रेन सेंसर्स का इस्तेमाल मस्तिष्क की चोट की जांच करने के लिए किया जाएगा। वाशिंगटन युनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में न्यूरोसर्जरी विभाग में रेजिडेंट चिकित्सक रॉय केजे मर्फी ने कहा, ‘समय के साथ हमारा नया उपकरण शरीर में घुल-मिल जाता है, जिससे संक्रमण व सूजन का खतरा नहीं होता।’
एक प्रतिष्ठित पत्रिका 'नेचर' में मर्फी ने कहा, ‘शरीर द्वारा अवशोषित कर लेनेवाले उपकरण के विकास से उसे शरीर से निकालने के लिए सर्जरी जरूरत नहीं पड़ती है, जिससे संक्रमण का खतरा और इससे जुड़ी परेशानियां नहीं होती।’
चित्र स्रोत - Shutterstock