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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:31 AM IST
एचआयव्ही बाधित रुग्णांसोबत राहिल्यास त्याचा संसर्ग होतो एचआयव्ही हा केवळ HIV व्हायरसचा संसर्ग झाल्याने होतो. स्पर्शाने किंवा लाळ, दूध, वीर्यातून हा व्हायरस पसरत नाही. या सोबतच आलिंगन, किस किंवा हात मिळवल्यास ,एचआयव्ही बाधित रुग्णाने वापरलेल्या टॉयलेट सीट किंवा डोअरनॉब वापरल्यास किंवा एचआयव्ही बाधित रुग्णासोबत जेवल्यास त्याचा संसर्ग होत नाही.
मूल स्रोत: IANS Hindi
जापान के शोधकर्ताओं ने हाल में ही एक इलेक्ट्रिकल फोर्क का आविष्कार किया है जो किसी भी खाने को स्वादिष्ट बना सकती है। यह व्यंजनों के ऊपर छिड़के जाने वाले नमक मसालों की जगह ले सकती है।
टोक्यो मेईजी विश्वविद्यालय के पोस्ट डॉक्टरेट शोधार्थी हिरोमी नाकामूरा के मुताबिक यह तकनीक उन लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी जो विशेष आहार ले रहे होते हैं।
नाकामूरा इस प्रक्रिया को 'आभासी स्वादानुभूति' कहती हैं। इस फोर्क के दो हिस्से हैं, जिसमें से ऊपरी हिस्से में हैंडल लगा है। यह इलेक्ट्रोड का काम करता है। वे बताती हैं कि जब इस फोर्क की मदद से आप निवाले का एक टुकड़ा अपने मुंह में डालते हैं तो आप इस सर्किट के संपर्क में आ जाते हैं। जैसे ही आप इस फोर्क को मुंह से हटाते हैं तो स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट से संपर्क टूट जाता है। इस तरह से यह एक स्विच की तरह काम करता है।
उनके मुताबिक इस तरह का फोर्क उच्च रक्त चाप या हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों की भी मदद कर सकता है, क्योंकि वे सोडियम की अधिकता की परवाह किए बिना नमक का स्वाद ले सकेंगे।
मूलत: इलेक्ट्रिसिटी हमारे स्वाद इंद्रियों पर असर डालता है ना कि अकेले खाना। हालांकि नाकामूरा को इस डिवाइस को बनाने में काफी वक्त लगा है, लेकिन अभी वह इसे लोगों के इस्तेमाल के लिए नहीं लाना चाहतीं। उनका कहना है कि अभी वे इस पर और भी अनुसंधान करेंगी। वे दावा करती हैं कि जितना ज्यादा वे स्वाद इंद्रियों की कार्यप्रणाली को समझ पाएंगी। उतना ही बेहतर वह इस फोर्क को डिजायन कर पाएंगी ताकि विभिन्न प्रकार के स्वादों को बिना असली भोजन के लोगों के मुंह तक पहुंचा पाए।
चित्र स्रोत: Shutterstock