... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:30 AM IST
स्रोत - IANS
स्किन और नर्वस सिस्टम हमारे शरीर के अभिन्न हिस्से हैं। स्किन यानी त्वचा को तो शरीर का सबसे बड़ा अंग माना जाता है। कहने की ज़रूरत नहीं कि शरीर के इन हिस्सों का स्वस्थ रहना हमारे लिए कितना ज़रूरी है। देश-दुनिया के वैज्ञानिकों को भी इस बात का अंदाज़ा है इसलिए समय-समय पर इनसे जुड़े शोध और अध्ययन होते रहते हैं। हाल ही में, वैज्ञानिकों की एक टीम ने इंसानों में त्वचा और तंत्रिका तंत्र से संबंधित बिमारियां पैदा करने वाले 60 आनुवंशिक विकारों की पहचान कर ली है। शिकागो की लोयोला यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों के अनुसार, न्यूरोक्यूटेनियस विकार के नाम से जानी जाने वाले इन 60 आनुवंशिक बिमारियों में न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस सर्वाधिक आम बिमारी है।
शोधकर्ताओं की टीम ने बताया, 'न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस आनुवशिंक के 60 विकारों में से एक है। यह त्वचा में भूरे धब्बे और मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी तथा तंत्रिका तंत्र के विभिन्न हिस्सों में गैर हानिकारक ट्यूमर के लिए जिम्मेदार होता है।' भ्रूण के विकास के दौरान कोशिकाओं के असामान्य विकास की वजह से न्यूरोक्यूटेनियस बिमारियां होती हैं और इसके कारण शरीर के विभिन्न हिस्सों में ट्यूमर बन जाते हैं।
यह विकार विरासत में मिलते हैं और स्वाभाविक उत्परिवर्तन से निर्मित होते हैं। चिकित्सा क्षेत्र में हो रही लगाातर प्रगति के बावजूद न्यूरोक्यूटेनियस बिमारियों का स्थायी उपचार नहीं खोजा जा सका है। शोध से जुड़े वैज्ञानिकों एना कैरोलिना पाइवा कोस्टा टी. फिगुएरेडो, निकोलस माटा-माचाडो, मैथ्यू मैक्कॉयड और जोस बिलर ने बताया, "शोध के दौरान हमने न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस रोगियों को कई क्षेत्रों के पारंगत चिकित्सकों की देखरेख में रखा और हमारा उद्देश्य उन्हें सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य विकास मुहैया कराना और बिमारियों को उनके शुरुआती चरण में पहचान कर उपचार करना था।"
यह अध्ययन शोध-पत्र 'करंट न्यूरोलॉजी एंड न्यूरोसाइंस रिपोर्ट्स' के ताजा अंक में प्रकाशित किया गया है।
चित्र स्रोत - Getty