आलसी महिलाओं को मेनोपॉज के बाद होती है ज्यादा परेशानी!

क्यों मेनोपॉज के लक्षण ज्यादा समस्या पैदा करते हैं?

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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:31 AM IST

मूल स्रोत: IANS Hindi

जो महिलाएं परिश्रमी होती है और आजीवन काम करती रहती है उन्हें आम तौर पर किसी भी बीमारी में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।क्योंकि उनका शरीर सुस्त न होने के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से एनर्जी से भरपूर और फिट रहता है। लेकिन जो महिलाएं स्वभाव से आलसी और सुस्त होती है उनको कोई न कोई बीमारी हमेशा महसूस होती रहती है। हाल के रिसर्च ये पता चला है कि आलसी महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान ज्यादा शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

लैटिन अमेरिका में मध्यम उम्र की महिलाओं को उनकी सुस्त और आलसी जीवनशैली के द्वारा रजनोवृत्ति की अवधि के दौरान अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शोध के अनुसार, सुस्त जीवनशैली जीने वाली महिलाओं में मोटापा, चिंता, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याएं होने की अधिक संभावना रहती है।

अमेरिका के ओहियो स्थित नॉर्थ अमेरिकन मिनोपॉज सोसायटी के कार्यकारी निदेशक जॉन वी. पिंकरटन के अनुसार, 'अपनी आयु के मध्यावधि के समय जो महिलाएं सक्रिय रहती हैं उन्हें रजनोवृत्ति से होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।' इस अध्ययन में लैटिन अमेरिका के कोलैबोरेटिव ग्रुप फॉर रिसर्च ऑफ दि क्लीमैक्टेरिक के 40 से 59 साल की 6,079 महिलाओं पर किए गए सर्वेक्षणों और स्वास्थ्य अभिलेखों के आंकड़ों पर गौर किया गया है।

अध्ययन के दायरे में शामिल महिलाओं में 64 प्रतिशत महिलाओं की जीवनशैली सुस्त थी। इनमें 16 प्रतिशत महिलाओं में रजनोवृत्ति से जुड़ी गंभीर परेशानियां देखने को मिली थी, जबकि इनकी तुलना में सक्रिय महिलाओं में केवल 11 प्रतिशत महिलाओं को ही इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह अध्ययन ऑनलाइन पत्रिका 'मिनोपॉज' में प्रकाशित किया गया है।

चित्र स्रोत: Shutterstock 


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