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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:32 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
आजकल डाइबिटीज़ होने का खतरा सिर्फ बड़ो तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि बच्चे भी इसके चपेट में आने लगे हैं। हाल ही के अनुसंधान से ये पता चला है कि अगर होने वाले पिता हमेशा तनाव में रहते हैं तो उनके होने वाले संतान में मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। सुनने में ये बात अजीब लगती है लेकिन अनुसंधान के दौरान इस बात की सत्यता को चूहों पर प्रयोग करके जाँचा गया है, उसके बाद ही इस बात की पुष्टि की गई है। इसके लिए माँ और पिता बनने की प्रक्रिया के दौरान खुद को सबसे पहले तैयार करने की ज़रूरत होती है।
तनावग्रस्त पुरुषों की संतानों में मधुमेह की संभावना अधिक होती है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, तनाव हार्मोन शुक्राणुओं में ऐसा परिवर्तन करते हैं, जिससे संतान में उच्च रक्त शर्करा की वृद्धि होती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि पुरुष के अनुवांशिक कोड के अलावा भी कई कारक उसकी पीढ़ी में स्थानांतरण होते हैं। हालांकि पिता के तनाव हार्मोन को अवरुद्ध कर इन परिवर्तनों को रोका जा सकता है। इस अध्ययन में शोधार्थियों ने चूहों पर प्रयोग किया है, लेकिन यह निष्कर्ष मनुष्यों पर भी लागू हो सकते हैं।
चीन की शंघाई जियो टांग युनिवर्सिटी के सियाओयिंग ली ने कहा, 'हम यह जानने में काफी दिलचस्पी रखते हैं कि व्यवहारात्मक बदलाव कैसे ग्लूकोस होमियोस्टेटिस को प्रभावित करते हैं।'
ली के अनुसार, 'इस शोध में हमने देखा कि पैतृक मनोवैज्ञानिक तनाव से चूहों की संतानों में हाइपरग्लाइसेमिया (उच्च रक्त शर्करा) पाया गया।'यह शोध ' 'सेल मेटाबॉलिज्म' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
चित्र स्रोत: Shutterstock