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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST
Exercising not only helps you to reduce weight, but keeps your hunger in check. ‘Exercising increases the blood flow flow, thereby boosting the supply of nutrients to your organs, leaving you feeling rejuvenated’ says Akanksha.
मूल स्रोत: IANS Hindi
व्यायाम करना हर उम्र के लिए ज़रूरी होता है चाहे वह बच्चा हो या बड़ा या हो वयस्क। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता इतनी बढ़ जाती है जिससे कि वह कई तरह की बीमारियों से लड़ भी सकता है और सुरक्षित भी रख सकता है। हाल के एक रिसर्च से ये पता चला है कि नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से एडीएचडी यानि हाइपरएक्टिविटी डिसॉर्डर होने के संभावना को कम किया जा सकता है। क्योंकि इस बीमारी से थकान, डिप्रेशन, स्ट्रेस आदि के लक्षण नजर आने लगते हैं।
अगर रोजाना थोड़ा वक्त भी व्यायाम किया जाए, तो यह वयस्कों में अटेंशन-डेफिसीट/हाइपरएक्टिविटी डिसॉर्डर (एडीएचडी) के लक्षणों से निजात दिलाने में मददगार है। एक नए शोध में यह बात सामने आई है। एडीएचडी के लक्षणों के बढ़ने से अवसाद, थका महसूस करना, काम नहीं करने की इच्छा करना और यहां तक कि यातायात दुर्घटनाएं भी हो सकती है। निष्कर्ष के मुताबिक रोजाना थोड़ा वक्त व्यायाम किया जाए, तो इससे वयस्कों में एडीएचडी के लक्षणों से निजात मिलती है। अगर नियंत्रण न किया जाए, तो लक्षणों के कारण तनाव जैसी गंभीर समस्या भी पैदा होती है।
अमेरिका के जॉर्जिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और शोध के वरिष्ठ लेखक पैट्रिक ओ'कोनोर ने कहा, 'यह सर्वविदित है कि तनाव दूर करने और मूड ठीक करने में कसरत मददगार है और इसलिए यह एडीएचडी के लक्षणों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।' यह अध्ययन पत्रिका 'मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड इक्सरसाइज' में प्रकाशित हुआ है।
चित्र स्रोत: Shutterstock