मुंह के रोग से कैंसर होने का बढ़ सकता है खतरा!

क्या आपको gum disease है या कोई प्रॉबल्म है तो इसको नजरअंदाज न करें!

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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:35 AM IST

मूल स्रोत: IANS Hindi

वैसे तो अक्सर लोग मुंह या मसूड़ों में कोई भी प्रॉबल्म हो नजरअंदाज ही करते रहते हैं जिससे समस्या बढ़कर भयानक रोग का कारण बन जाता है। एक शोध के निष्कर्ष के रूप में ये बात सामने आई है कि मुँह या मसूड़े में कोई भी समस्या होने पर कैंसर होने का खतरा हो सकता है।

यूं तो मुंह और मसूड़े के रोग कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं, लेकिन मसूड़े के रोग के लिए जिम्मेदार एक खास तरह के जीवाणुओं की प्रजाति इसोफैगल (घेघा) कैंसर का भी कारण हो सकता है। एक नए शोध में यह पता चला है। इसोफैगल (घेघा) एक पेशी ट्यूब है जो मुंह से पेट तक भोजन की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें होने वाला कैंसर इसोफैगल कैंसर कहलाता है। इस शोध के निष्कर्षो से पता चला है कि पोरफाइरोमोनास जिंजीवल जीवाणु इसोफैगल स्क्वामस सेल कार्सीनोमा (ईएससीसी) रोग से ग्रसित 61 प्रतिशत लोगों में मौजूद होता है। पढ़े- ब्रोकली ब्रेस्ट कैंसर के कोशिकाओं के बढ़ने की गति को करती है कम

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविले स्कूल ऑफ डेंटिस्ट्री से हुजी वैंग ने बताया, 'इन निष्कर्षो ने पहला प्रत्यक्ष प्रमाण उपलब्ध कराया है जो यह बताता है कि पी. जिंजीवल संक्रमण ईएससीसी के लिए एक नया जोखिम कारक हो सकता है। साथ ही यह इस प्रकार के कैंसर के लिए एक नैदानिक बायोमार्कर के रूप में भी कार्य कर सकता है।'

वैंग का कहना है, 'इस तरह के रोग से बचने के लिए मुंह की स्वच्छता में सुधार जरूरी है, जिससे ईएससीसी के खतरे को कम किया जा सकता है।' यह निष्कर्ष शोध पत्रिका 'इंफेक्शियस एंजेट्स एंड कैंसर' में प्रकाशित हुए हैं।

चित्र स्रोत: Shutterstock 


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