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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 7:39 PM IST
Imagine being stuck on a road having forgotten where you live? Surely, you wouldn’t want it to happen to you for real. According to a research conducted by Richard Hartman from Loma Linda University, a daily glass of antioxidant juice could help reduce the build-up of harmful proteins that can cause Alzheimer’s disease. All of these health benefits make pomegranate a great addition to your diet. The fruit is a bit on the expensive side but so much nutrition definitely makes it worth the price.
अगर आप अल्जाइमर के खतरे को समय रहते कम करना चाहते हैं तो ओमेगा-3 फैटी को अपने डायट में शामिल करें। एक अध्ययन से यह पता चला है कि मछली, सूखे मेवे और तीसी के बीज जैसे कुछ अन्य बीजों में पाए जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड बुढ़ापे में मानसिक क्षमता बेहतर रखने में सक्षम है। यह बात एक अध्ययन में कही गई है। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों में बुढ़ापे में अल्जाइमर होने के संकेत थे, उन्होंने जब ओमेगा-3 फैटी एसिड का अधिक इस्तेमाल किया, तो अन्य लोगों की तुलना में उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर पाया गया।
ओमेगा-3 फैटी एसिड की दो प्रमुख किस्में ईपीए और डीएचए मुख्यत: मछली में पाई जाती है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की एक अन्य किस्म अल्फा-लाइनोलेनिक एसिड (एएलए) वनस्पति से मिलती है, जैसे सूखे मेवे और बीजों से। पढ़े- टहलने से मानसिक स्वास्थ्य में होता है सुधार
इलिनोइस विश्वविद्यालय के शोधार्थी, अध्ययन के प्रमुख लेखक एरॉन बार्बी ने कहा, 'हाल के अध्ययन से पता चलता है कि पोषण की कमी का बुद्धिहीनता और अल्जाइमर जैसे दिमागी रोगों से गहरा नाता है।' अध्ययनों से पता चलता है कि बेहतर पोषण से मानसिक क्षमता बनी रहती है, बुढ़ापा देर से आता है और अल्जाइमर जैसे रोग की संभावना कम होती है। पढ़े- ग्रीन टी पीने से अल्जाइमर के खतरे को कम किया जा सकता है
यह अध्ययन 65 से 75 वर्ष की अवस्था वाले 40 ऐसे स्वस्थ्य लोगों पर किया गया, जिनमें अल्जाइमर रोग की संभावना पैदा करने वाले जीन थे। शोधार्थियों ने इन लोगों के मानसिक लचीलेपन को मापा और साथ ही उनके रक्त में ईपीए और डीएचए के स्तर को भी मापा। मानसिक लचीलेपन यानी, कॉग्निटिव फ्लेक्सिवलिटी का मतलब विभिन्न कार्यो में तालमेल बनाने की क्षमता से है।
यह अध्ययन शोध पत्रिका 'फ्रंटियर्स इन एजिंग न्यूरोसाइंस' में प्रकाशित हुआ है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty image
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