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हममें से ज्यादातर लोग ज़्यादा शुगर यानी चीनी खाने के खतरों के बारे में जानते हैं। इसमें काफी कैलोरी होती है, ये आपको मोटा कर सकती है, स्किन को नुकसान पहुंचा सकती है और उम्र से अधिक दिखा सकती है। लेकिन कॉम्प्रहेंसिव रिव्यूज़ इन फूड साइंस और फूड सेफ्टी जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक इन 5 कारणों से आप चीनी से अलग नहीं रह सकते।
मूल स्रोत: IANS Hindi
शायद आप शक्कर के इस उपयोग से अनजान है। हाल ही के एक अनुसंधान से ये पता चला है कि प्राकृतिक शक्कर का एक रूप 'ट्रीहलोज' लीवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा घटाने में असरदार है, जो भविष्य में नॉनअल्कोहलिक फैटी लीवर रोग (एनएफएलडी) के उपचार में मददगार हो सकता है। लेकिन इसके साथ ही इस बात के लिए आगाह किया गया है कि फ्रूक्टोज वाले आहार और शक्कर वाले पदार्थो के सेवन से बचना चाहिए।
इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने चूहों पर परीक्षण किया। उन्होंने देखा कि आहार में फ्रूक्टोज की उच्च मात्रा और भरपूर पानी के सेवन के साथ तीन प्रतिशत ट्रीहलोज (प्राकृतिक शक्कर के एक स्वरूप) की मौजूदगी से चूहों में फैटी लीवर का विकास रुक गया। शोध के अनुसार, ट्रीहलोस लीवर में फ्रूक्टोज ( नॉनअल्कोहलिक फैटी लिवर रोग का प्रमुख कारण) को घुसने से रोकता है।
ट्रीहलोज एक प्राकृतिक शक्कर है, जो पौधों और कीड़ों में पाई जाती है। इसमें दो ग्लूकोज के दो अणु एक साथ बंधे होते हैं। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन से इस अध्ययन के प्रथम लेखक ब्रायन जे डीबॉश ने बताया, 'सामान्य तौर पर अगर आप किसी चूहे को उच्च-शर्करा वाला आहार खिला दें, तो उसे फैटी लीवर की शिकायत हो जाएगी।' कई चिकित्सीय परीक्षणों के बाद ही मानवों पर इसकी जांच की जा सकती है।
डीबॉश कहते हैं, 'मैं अपने मरीजों से ट्रीहलोज के सेवन की सिफारिश नहीं कर रहा हूं, लेकिन मेरी सलाह है कि वह फ्रूक्टोज वाले आहार और शक्कर वाले पदार्थो के सेवन से बचने की कोशिश करें।'
यह शोध पत्रिका 'साइंस सिग्नलिंग' में प्रकाशित हुआ है।
चित्र स्रोत: Shutterstock