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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 7:37 PM IST
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बुधवार को कहा कि स्वाइन फ्लू वायरस से निपटने वाली दवाओं की कोई कमी नहीं है। लोगों को डरने की नहीं, बल्कि जागरूक होने की जरूरत है। नड्डा ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के संपर्क में हैं और स्थिति की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा, 'डरने की नहीं, बल्कि सतर्क होने की जरूरत है।'
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्यों को दवाओं के भंडार और मास्क व टीकों जैसे अन्य उपकरणों की आपूर्ति की गई है। बाकी केंद्र सरकार के पास पर्याप्त भंडार है। पढ़े- स्वाइन फ्लू के लक्षणों को पहचानें और सावधानी बरतें
नड्डा ने कहा, 'दवाओं का टोटा नहीं है। हमारे पास अचानक आई मांग पूरी करने के लिए भी दवाओं का भंडार है। दवा की कमी की खबरों से लोगों में डर पैदा किया जा रहा है। मैंने राज्यों को सूचित कर दिया है। उनसे दवाओं का स्टॉक रखने के लिए कहा गया है।' नड्डा अपने उस बयान पर स्पष्टीकरण दे रहे थे, जो उन्होंने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में दिया था।
उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार इस संबंध में अत्यधिक गंभीर है और सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। फ्लू के मौसम की शुरुआत से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक समीक्षा बैठक की थी।'
नड्डा ने कहा, 'हमने दिसंबर में एक समीक्षा बैठक की थी और राज्यों और अस्पतालों को निर्देश दिए थे। सभी चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से कक्ष बनाए गए हैं। उन्हें बताया गया है कि स्वास्थ्य कर्मियों को कैसे बचाया जाए और कैसे मरीजों का इलाज किया जाए।'
उन्होंने कहा, 'कुल मिलाकर राज्य सरकारों ने तैयारी कर ली है। चिकित्सकों, दवाओं और पृथक चिकित्सा कक्ष की व्यवस्था की गई है। राज्य और केंद्र सरकारें दोनों ही इस संबंध में विज्ञापन जारी कर रहे हैं।'
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वाइन फ्लू के कारण इतने लोगों की मौत की वजह अनभिज्ञता है। ज्यादातर मामले सह-रुग्णता के हैं। बीमारी से पीड़ित लोग पहले स्वयं दवाएं लेते हैं उसके बाद चिकित्सक के पास जाते हैं।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
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