... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:28 AM IST
अल्जाइमर होने के शुरूआत को देर होने में करती है मदद- तेल अवीव यूनिवर्सिटी के अनुसार अगर शुरूआती दौर में अल्जाइमर रोगी को दिया जाय बीमारी के बढ़ने की गति धीमी हो जाती है। इस रोग से बचने के लिए हर दिन खाली पेट एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर में शहद डालकर इसका सेवन करें।
गीत गुनगुनाने से सिर्फ आपका मूड ही फ्रेश नहीं होता, बल्कि इससे आपकी याददाश्त भी दुरुस्त रहती है। फिनलैंड की हेलसिंकी यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है। वैज्ञानिक तेपो सरकामो के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के बारे में शोधार्थियों ने बताया कि गीत-संगीत विशेषकर गायन डिमेंशिया रोग के प्रारंभिक चरणों में संज्ञानात्मक और भावात्मक रूप से काफी कारगर होता है।
इस शोध के अनुसार, संगीत मानसिक रोगियों की देखभाल में ज्यादा लाभकारी होता है। इसे डिमेंशिया की विभिन्न चरणों में असरदार माना गया है। शोध के क्रम में शोधार्थियों ने 89 लोगों पर परीक्षण किया, जो डिमेंशिया के शुरुआती चरण में थे। वैज्ञानिकों ने रोगियों की देखभाल करने वालों से उन्हें 10 हफ्तों तक संगीत सिखाने के लिए कहा, जिससे मानसिक रोगी विभिन्न गीतों को सीखने के साथ ही सुन और गा भी सकें। पढ़े- अल्जाइमर से बचने के लिए तेज़ चलें!
इससे पहले हुए शोधों से साबित हुआ है कि संगीत की गतिविधियां मानक देखभाल की तुलना में याददाश्त दुरुस्त रखने में ज्यादा सक्षम होती हैं, लेकिन इस शोध से पता चला है कि गाना और सुनना दोनों ही अल्जाइमर जैसी डिमेंशिया बीमारी पर अच्छा असर डालता है। पढ़े- ग्रीन टी पीने से अल्जाइमर के खतरे को कम किया जा सकता है
लेखक ने बताया, 'यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि डिमेंशिया पीड़ित संगीत की पृष्ठभूमि वाले रोगियों में संगीत का हस्तक्षेप प्रभावकारी नहीं देखा गया है।' सरकामो का कहना था, 'हमारे निष्कर्ष यह बताते हैं कि डिमेंशिया पीड़ित रोगियों की देखभाल और उन्हें ्रपूर्वदशा में ले आने में संगीत का उपयोग व्यापक रूप से किया जा सकता है।'
यह शोध 'अल्जाइमर डिसीज' पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
मूल स्रोत -IANS Hindi
चित्र स्रोत - Shutterstock
हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।