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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
हाल ही के रिसर्च से ये पता चला है कि जन्म के समय लड़कियों का वज़न कम होने पर भविष्य में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने के खतरे को बढ़ाती हैं। इस बात से अनजान लोग लड़कियों के कम वज़न के तरफ उतना ध्यान ही देते हैं जिनके कारण भविष्य में वे तनाव का शिकार होने के साथ-साथ माँ बनने में भी असुविधा भी होती है। इसलिए समस्या को कभी भी नजरअंदाज न करें। महिलाओं का वजन पैदा होने के समय कम रहा हो, उन्हें आगे चलकर गर्भावस्था के दौरान परेशानी हो सकती है और उनमें दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा भी अधिक होता है। एक नए शोध से यह जानकारी मिली है। इस शोध में जन्म के समय कम वजन और तनाव की शिकार महिलाओं के गर्भावस्था के बाद स्वास्थ संबंधी परेशानियों पर अध्ययन किया गया। पढ़े- क्या स्ट्रेस बॉल को दबाने से सच में तनाव दूर होता है ?
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय के डॉक्टोरल छात्र जीन नी चेओंग ने कहा, 'इस शोध में पता चला है कि तनाव और जन्म के समय कम वजन होने के कारण गर्भावस्था के बाद मां के हृदय, दिल, किडनी, एड्रेनल और चयापचय स्वास्थ्य संबधी समस्याएं हो सकती हैं।'शोधकर्ताओं का कहना है कि दोनों जोखिम कारक मिलकर कोई बहुत अधिक जोखिम पैदा नहीं करते है। यह शोध जर्नल ऑफ साइकोलॉजी में प्रकाशित किया गया है। पढ़े- इन 5 तरीकों से बढ़ जाएंगे आपके प्रेगनेंट होने के चांस
चेओंग आगे बताते हैं, 'गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं के उभरने के खतरे की पहचान और उसके बाद दीर्घकालिक रोगों की पहचान से समय रहते उसकी रोकथाम और उपचार के कदम उठाए जा सकते हैं।'
चित्र स्रोत: Shutterstock