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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 8:12 PM IST
बारिश के मौसम में भारत में साँप का उपद्रव आम होता है। लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम है कि साँप के काटने पर प्राथमिक उपचार के रूप में क्या करना चाहिए ताकि डॉक्टर के पास जाने तक मरीज़ की हालत संभली रहे और साँप का जहर का असर कम हो। चलिये, हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के ऑनरेरी सेक्रेटरी जनरल डॉ. के.के. अग्रवाल के अनुसार सभी को साँप के काटने पर प्राथमिक उपचार की जानकारी होनी चाहिए। उचित समय पर सही इलाज साँप से होने वाली मौत को टाल सकता है।
सांप कटने से दुनियाभर में होने वाली मौतों की संख्या में भारत सबसे आगे है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हर साल 83,000 लोग साँप के दंश का शिकार होते हैं और उनमें से 11,000 की मौत हो जाती है। मौत का सबसे बड़ा कारण है तुरंत प्राथमिक उपचार न होना। भारत में साँपों की लगभग 236 प्रजातियां हैं। इनमें से ज्यादातर साँप जहरीले नहीं होते। आम धारणा है कि सभी सांप खतरनाक होते हैं, लेकिन ऐसे साँपों के काटने से सिर्फ जख्म होता है, मौत दहशत के कारण हो जाती है।
देश में जहरीले साँपों की 13 प्रजातियां हैं, जिनमें से चार बेहद जहरीले होते हैं- कोबरा (नाग), रस्सेल वाइपर, स्केल्ड वाइपर और करैत। देश में सबसे ज्यादा मौतें नाग या गेहुंवन व करैत के काटने से होती हैं। उन्होंने कहा, 'हमें याद रखना चाहिए कि सभी साँप खतरनाक नहीं होते, इसलिए साँप के काटने पर घबराना नहीं चाहिए। प्राथमिक उपचार के तौर पर सबसे पहले जहर को फैलने से रोकना चाहिए और मरीज को जल्दी से जल्दी किसी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाना चाहिए।'
बकौल डॉ. अग्रवाल, इन बातों को हमेशा याद रखें :
-पीड़ित को साँप से दूर ले जाएं और घबराहट दूर करने में उसकी मदद करें
-खुद को सुरक्षित रखते हुए साँप की प्रजाति का पता करें
-साँप के काटने वाली जगह पर कोई गहना पहने हों तो उसे उतार दें
-मरीज जूते पहना हो तो उतार दें, कपड़े सुविधाजनक हों तो न उतारें
-जख्म पर पट्टी बांध दें। पट्टी के लिए पेड़ की छाल, अखबार का टुकड़ा, स्लीपिंग बैग या बैकपैक फ्रेम का इस्तेमाल करें
-जख्म से छेड़छाड़ न करें, पट्टी बांधने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं
-मरीज को बिल्कुल चलने न दें, क्योंकि मांसपेशियों की रगड़ से जहर तेजी से फैल सकता है
-मरीज को अपने मन से एस्प्रिन या कोई दर्द निवारक दवा बिल्कुल न दें
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आमतौर पर यह मिथक है कि साँप काटी जगह पर रक्त संचार बंद करने के लिए खूब कसकर पट्टी बांध देनी चाहिए और मुंह से खींचकर जहर निकाल देना चाहिए, लेकिन इन चीजों से परहेज करना चाहिए। दरअसल, इनसे नसों और रक्त धमनियों को नुकसान पहुंचने और संक्रमण होने का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि मुंह से खींचने पर जहर बहुत कम निकलता है। दबाव वाली पट्टी बांधने से रक्त धमनियां फट सकती हैं और मरीज को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty image
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