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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 5, 2017 8:13 AM IST
बॉलीवुड के शहंशाह और यूनीसेफ के ब्रांड एंबेस्डर अमिताभ बच्चन को हेपेटाइटिस बी उन्मूलन अभियान का भी ब्रांड एंबेस्डर नियुक्त किया गया है। इसके पहले भी बिग बी ‘दो बूंद जिंदगी की’- पोलियो अभियान और टी.वी. उम्मूलन अभियान यानि ‘टी.बी. हारेगा देश जीतेगा’ अभियान के भी एंबेस्डर रह चुके हैं।
हेपेटाइटिस बी उन्मूलन अभियान के दौरान गत सोमवार को अमिताभ बच्चन ने कहा कि वे भी हेपाटाइटिस बी के मरीज़ रह चुके हैं। और सबसे बड़ी बात ये है कि हेपाटाइटिस के कारण उनका 75 प्रतिशत लीवर खराब हो गया था। और ये इसलिए हुआ कि क्योंकि इसका परिक्षण देर से किया गया था। ‘कूली’ मूवी के दौरान जिस दुर्घटना से उन्हें गुजरना पड़ा, उसके लिए उन्हें लगभग 200 लोगों का रक्त देना पड़ा था। इनमें से किसी को हेपाटाइटिस की बीमारी होने के कारण उन्हें हेपाटाइटिस बी का इंफेक्शन हो गया।
उन्होंने कहा कि जब तक उनके इस बीमारी का पता चलता लगभग 25 प्रतिशत लीवर का अंश खराब हो चुका था। लेकिन मेरा सौभाग्य था कि मेरा सही तरह से इसका इलाज हुआ और समय के साथ मैं स्वस्थ हो गया।
लेकिन भारत देश ऐसे कई मरीज़ है विशेषकर ग्रामिण क्षेत्रों में जिनके पास इलाज का सही साधन नहीं है। विशेषकर हेपेटाइटिस बी इन्फेक्टेड ब्लड के ट्रांसफ्यूशन और सिमन और दूसरे फ्लूइड के इक्सपोशर के कारण यह संक्रमित होता है।
हेपेटाइटिस होने के मूल कारणों में वायरल इन्फेक्शन (Viral infection): हेपैटाइटिस ए, हेपैटाइटिस बी या हेपैटाइटिस सी वायरस के कारण इसका मूल कारण है। ग्रामीण हो या शहरी क्षेत्र एक चीज सबमें आम है, वह है अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन। अल्कोहल सीधे लीवर के द्वारा मेटाबॉलाइज़्ड होता है, जिसके कारण यह शरीर के दूसरे भागों में संचारित होने लगता है। इसलिए अत्यधिक मात्रा में एल्कोहल का सेवन करने से हेपैटाइटिस होने का खतरा होता है। कुछ दवाईयाँ जैसे एसिटामिनोफेन (acetaminophen) का सेवन जब बहुत ज्यादा होने लगता है तब इसका विषाक्त पदार्थ लीवर सेल के सूजन का कारण बन जाता है। यहां तक कि ये बीमारी जन्म के समय माँ से बच्चे में, असुरक्षित सेक्स करने पर, अनसेफ ब्लड ट्रांसफ्यूशन करने पर भी होता है। एक बात का ध्यान रखें कि हेपाटाइटिस बी इंफेक्टेड फूड और पानी से नहीं होता है। यहां तक ये बीमारी एचआईवी से भी ज्यादा नुकसान सेहत को पहुँचाता है। पढ़े- हेपेटाइटिस : कारण, लक्षण और इस बीमारी से बचाव के टिप्स
क्या आपको पता है कि ब्लड ट्रांसफ्यूशन के दौरान किन चीजों की जांच की जाती है जिससे संक्रमण के संभावना को कम किया जा सके? डॉ. योगानंद पाटिल, सद्गुरू चैरिटेबल ब्लड बैंक का कहना है कि ब्लड ट्रांसफ्यूशन के पहले एफडीए रक्त का स्क्रीनिंग करता है। स्क्रीनिंग के दौरान- एचआईवी, हेपाटाइटिस बी, हेपाटाइटिस सी, वीडीआरएल (Venereal Diseases Research Laboratory Tests) और मलेरिया की जांच करता है। सरकार ने स्क्रीनिंग के दौरान एलिसा विधि का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया है। डॉ. पाटिल का कहना है कि कोई भी ब्लड बैंक बिना लाइसेंस के और स्क्रीनिंग टेस्ट के ब्लड नहीं देता है। यहां तक कि ब्लड बैग पर टेस्ट करने का डेट पर लिखा रहता है। डॉ. पाटिल ने ये भी कहा है कि 1997 के बाद से ब्लड स्क्रींनिंग का नियम सही तरह से कार्यान्वित हुआ। पढ़े- इन 6 अनजान कारणों से भी हो सकता है हेपेटाइटिस
अतः इन सब जांच से अब ब्लड ट्रांसफ्यूशन के कारण कोई भी इंफेक्शन होने का खतरा कम हो जाता है और हेपाटाइटिस होने के मूल कारणों में एक कारण में कुछ हद तक कमी आती है।
अतः इस अभियान के दौरान अमिताभ खुश है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस अभियान के चलते लोगों में जागरूकता लाने की कोशिश की जा रही हैं। इस अभियान से कुछ सालों के बाद पोलियो और टी.वी की तरह हेपाटाइटिस बी का भी उन्मूलन किया जा सकेगा।
मूल स्रोत- Amitabh Bachchan was infected with Hepatitis B during blood transfusion. Can this happen even today?
चित्र स्रोत - Getty images
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