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अवसाद होने पर तुरन्त करवायें इलाज़!

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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:33 AM IST

मूल स्रोत: IANS Hindi

मौजूदा समय में तनाव जीवन का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है जिससे चाहकर भी व्यक्ति पीछा नहीं छुड़ा पाता, लेकिन लंबे समय तक रहने वाला तनाव आपकी याद्दाश्त की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। एक नए शोध में इसका खुलासा हुआ है। शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि जो व्यक्ति लगातार तनाव से ग्रसित रहते हैं उन्हें स्पेशियल (स्थानिक) स्मृति की परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानिक स्मृति मस्तिष्क का वह भाग है जहां विभिन्न जानकारी एकत्रित होती हैं।

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान दिमाग में औसत दर्जे का परिवर्तन पाया और इनमें सूजन का सबूत मिला। जो बाहरी तनाव की वजह से हुआ था।यह शोध तनाव और मूड की समस्याओं के पीछे के रहस्यों को उजागर करने के लिए किया गया। इसके नतीजे उन लोगों के लिए मददगार हो सकते हैं जो तनाव, अवसाद, सदमा आदि समस्याओं से ग्रसित हैं। यह शोध 'न्यूरोसाइंस' में प्रकाशित हुआ है।

अब तक आपने सुना होगा कि अवसाद मानसिक रोगों का कारण होता है लेकिन इसके दुष्प्रभाव केवल यहीं तक सीमित नहीं हैं। एक नए शोध में वैज्ञानिकों ने साबित किया है कि अवसाद से होने वाले बदलाव पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं।

स्पेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रेनेडा (यूजीआर) के वैज्ञानिकों ने बताया, अवसाद को एक प्रणालीगत रोग माना जाना चाहिए क्योंकि यह शरीर के कई अंगों और ऊतकों को प्रभावित करता है। शोध में अवसाद के हृदय रोग और कैंसर के साथ महत्वपूर्ण संबंध मिले हैं। साथ ही शोध ने अवसाद पीड़ित लोगों की जल्दी मृत्यु के कारणों की भी जानकारी दी है।

इस शोध के विश्लेषण ने विभिन्न ऑक्सीडेटिव तनाव मापदंडों की वृद्धि और एंटीऑक्सीडेंट पदार्थो की कमी के बीच के असंतुलन का खुलासा किया है।शोध में पूर्व के 29 अध्ययनों का आकलन किया गया था जिसमें तीन हजार 961 लोग शामिल थे। यह पहला ऐसा शोध है जिसमें शरीर पर अवसाद से पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी गई है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस शोध से अवसाद की रोकथाम और इसके उपचार के लिए नई चिकित्सकीय खोज में मदद मिल सकती है। यह शोध पत्रिका 'क्लीनिकल साइकियाट्री' में प्रकाशित हुआ है।

चित्र स्रोत: Shutterstock 


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