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Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 7:37 PM IST
यह भारतीय मान्यता है कि अगर माँ बनना चाहते हैं तो ज़्यादा से ज़्यादा पौष्टिक खाना खायें। फल यह होता है कि माँ बनने के चाहत में महिलाएं ज़रूरत से ज़्यादा मोटे हो जाते हैं। लेकिन इस प्यार का असर जन्म लेने के बाद आपके शिशु पर कैसा पड़ता है, इस बारे में जानकर आप आश्चर्य में पड़ जायेंगे।
हाल के एक शोध से यह पता चला है कि दुबली-पतली महिलाओं की तुलना में मोटापेसे ग्रसित महिलाओं से जन्मे शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है। अध्ययन के मुताबिक, गर्भावस्था से पहले मां का वजन गर्भ धारण करने के बाद जन्मे बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालता है। इससे बच्चों में दिल और दमा जैसी संभावित बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। पढ़े-क्या आपको पता है मधुमेह पीड़ित गर्भवती महिलाओं को नींद संबंधी बीमारी होने का खतरा होता है
इस अध्ययन की अग्रणी अनुसंधानकर्ता अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर इल्हम मेसाउद के मुताबिक, 'कई शोधों के बाद पता चला है कि गर्भावस्था से पहले मोटापा और गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक वजन से होने वाले शिशुओं में दिल संबंधी रोग और दमे जैसी बीमारियों की संभावना अधिक होती है।' मेसाउद ने कहा, 'हमारे शोध से शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलाव और आगे चलकर इन रोगों की संवेदनशीलता में संभावित संबंध का पता चलता है।' पढ़े-मोटापा से जूझते बच्चों के लिए पौष्टिक आहार
यह अध्ययन अमेरिका की 39 माताओं पर किया गया। इसमें गर्भवती दुबली-पतली, अधिक वजन वाली और मोटी महिलाओं के गर्भनाल रक्त के नमूनों की प्रतिरक्षा प्रणाली का शोध किया गया। मेसाउद ने कहा, 'कुछ शिशुओं के सीडी4 टी-कोशिकाओं में कमी देखी गई।' गौरतलब है कि सीडी4-टी कोशिकाएं मानव प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी है। पढ़े- योगाभ्यास से मोटापा को करें अपने नियंत्रण में
इसलिए माँ बनने का प्लान करने के पहले से अपने डायट पर ध्यान रखें ताकि आपका शिशु स्वस्थ और निरोग हो।
यह शोध 'पेडियाट्रिक एलर्जी एंड इम्यूनोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित होने वाला है।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty image
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