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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
बैड लेंस डे! – आपने गुड हेयर डे बैड हेयर डे के बारे में सुना होगा। कॉन्टेक्ट लेंस लगाने वालों के लिए ‘गुड लेंस डे, बैड लेंस डे’ भी होता है। किसी-किसी दिन आपका एक लेंस तो फिट हो जाता है, लेकिन दूसरा लेंस खूब नख़रे दिखाता है।
मूल स्रोत: IANS Hindi
आजकल तो फैशन के कारण कॉन्टैक्ट लेंस लगाने का चलन दिन ब दिन बढ़ता चला जा रहा है। फल ये हो रहा है बिना सही सलाह के लोग इसका इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन सावधानी का ख्याल नहीं करते हैं। आप रोजाना कॉन्टैक्ट लेंस लगाते हैं? एक नए अध्ययन से यह पता चला है कि कॉन्टैक्ट लैंस से आंखों की प्राकृतिक माइक्रोबियल पर्यावरण में बदलाव होता है जिससे आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक कॉन्टैक्ट लेंस लगाने में आंखों के अंदर आंखों की प्राकृतिक जीवाणुओं के मुकाबले त्वचा पर रहने वाली जीवाणुओं की मात्रा बढ़ जाती है। इससे आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ये ज़रूरी है कि आप कॉन्टैक्स लगाने से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए ज़रूरी एहतियात ज़रूर बरतें।
न्यूयार्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन की वरिष्ठ शोधार्थी मारिया डोमिनगुएज-बेलो ने बताया, 'अभी तक यह साफ नहीं है कि यह पर्वितन किस प्रकार होता है। क्या ये जीवाणु हमारी ऊंगलियों से लेंस के ऊपर जाते और फिर हमारी आंखों में चले आते हैं या फिर इन लेंसों के लगाने से आंखों के प्राकृतिक जीवाणुओं की संख्या घट जाती है और त्वचा वाले जीवाणुओं की संख्या बढ़ जाती है।'
डोमिनगुएज-बेलो का कहना है, 'हमारे इस अध्ययन से भविष्य में उन शोधों का फायदा होगा जो कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले की आंखों में संक्रमण के खतरे को लेकर किए जाएंगे।' यह अध्ययन जर्नल एमबायो में प्रकाशित हुआ है। पढ़े-जानिये क्या हैं कॉन्टेक्ट लेंस लगाने वालों के 7 दुखड़े!
चित्र स्रोत: Shutterstock