... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : January 4, 2017 8:12 PM IST
Malaria and dengue: Monsoons and mosquitoes go hand-in-hand. This season, use mosquito screens, spray insecticides, avoid storing water and use mosquito repellent devices/creams to prevent diseases caused by mosquitoes.
डेंगू को लेकर अनेक तरह के मिथक लोगों को दिग्भ्रमित कर देते हैं। लेकिन मूल बात यह है घर में और आसा-पास साफ सफाई रखें और मच्छरदानी लगाकर सोयें। और मच्छर विरोधक चीजों का इस्तेमाल करें, इससे कुछ हद तक इस खतरे को कम किया जा सकता है। डेंगू से बचने के लिए इसके कारण, लक्षण और बचने के उपायों पर ध्यान देना चाहिए।
यह सच है कि डेंगू का मच्छर दिन के उजाले में घरों के अंदर या बाहर काटता है, लेकिन अगर रात में रोशनी जल रही हो तब भी ये मच्छर (मादा एडीस) काट सकते हैं। बचाव के लिए मच्छर प्रतिरोधक का इस्तेमाल करें। बचाव के लिए पूरी बाजू की कमीज और पायजामा या पैंट पहनें। यह भी ध्यान रखें कि खिड़कियों के पर्दे सुरक्षित हों और उनमें छेद न हों। एयर कंडीशंड कमरों में रह कर बीमारी से बचा जा सकता है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस बीमारी से बचने के लिए मच्छरों को अंडे देने से रोकने के लिए घर में पानी जमा होने से रोकना चाहिए। बाहर रखे साफ पानी के बर्तनों जैसे पालतू जानवरों के पानी के बर्तन, बगीचों में पानी देने वाले बर्तन और पानी जमा करने वाले टैंक इत्यिादि को साफ रखें। घर के अंदर फूलदानों में पानी जमा न होने दें और उन्हें हफ्ते में एक बार जरूर साफ करें। पढ़े- पपीते के पत्ते के जूस से करें डेंगू का इलाज, जानिये कैसे
जिन लोगों के घर में कोई डेंगू से पीड़ित है, वह थोड़ा ज्यादा ध्यान रखें कि मच्छर दूसरे सदस्यों को न काटे। बीमारी को फैलने से बचाने के लिए पीड़ित को मच्छरदानी के अंदर सोना चाहिए। अस्पतालों को भी चाहिए कि वे डेंगू के मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध करवाएं। पढ़े- डेंगू रोगी के लिए आहार-योजना
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और आईएमए के ऑनरेरी सेक्रेटरी जनरल डॉ. के.के. अग्रवाल बताते हैं, "बहुत से लोगों को नहीं पता कि डेंगू का मच्छर गंदी नालियों में नहीं बल्कि साफ सुथरे पानी में पनपते हैं। साफ सुथरे शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका ज्यादा खतरा रहता है। बचाव इलाज से हमेशा बेहतर रहता है। अगर आप को डेंगू हो जाए तो घबराएं नहीं, भरपूर मात्रा में तरल आहार लें, क्योंकि डिहाइड्रेशन से ही बीमारी खतरनाक होती है और अगर डेंगू के मरीज का प्लेटलेट्स काउंट 10,000 से ज्यादा हो तो प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की जरूरत नहीं होती। बल्कि बेवजह प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन नुकसान कर सकता है।"
डेंगू बुखार मच्छरों के काटने से होने वाली एक दर्दनाक बीमारी है। यह चार किस्मों के डेंगू वायरस के संक्रमण से होती है, जो मादा एडीस मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू में तेज बुखार के साथ नाक बहना, खांसी, आखों के पीछे दर्द, जोड़ों के दर्द और त्वचा पर हल्के रैश होते हैं। हालांकि कुछ लोगों में लाल और सफेद निशानों के साथ पेट खराब, जी मिचलाना, उल्टी आदि हो सकता है। चूंकि यह एक वायरस से होता है इसलिए इसकी कोई दवा या एंटीबायटिक नहीं है, इसका इलाज इसके लक्ष्णों का इलाज करके ही किया जाता है। तेज बुखार बीमारी के पहले से दूसरे हफ्ते तक रहता है।
मच्छरों से बचने के उपाय :
उचित मच्छर प्रतिरोधक का प्रयोग करके और अन्य उपास करके मच्छरों से बचा जा सकता है। घर में मच्छरों के पनपने को रोकना चाहिए।
मच्छरों के छुपने की जगह हटाएं :
* बारिश का पानी निकालने वाली नालियों, पुराने टायरों, बाल्टियों, प्लास्टिक कवर, खिलौनों और अन्य जगह पर पानी रुकने न दें
* फव्वारों, पक्षियों के बर्तनों, वेडिंग पूल्ज, पौधों वाली टरे इत्यादि से हफते में एक बार पानी बदल दें
* अस्थायी पूल्ज को खाली कर दें या उनमें मिट्टी भर दें
* स्विमिंग पूल का पानी बदलते रहें और उसे चलता रखें
* दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों की दरारों को भर दें
* दरवाजों और खिड़कियों की अच्छे से जांच कर लें
* बच्चें को सुलाने वाले कैरियर और अन्य बिस्तर को मच्छरदानी से ढक दें
* लंबी बाजू की शर्ट, पैंट और जुराबें पहनकर मच्छरों के कटने से बचें
* टीशर्ट को अपनी पैंट और पैंट को जुराबों में डाल कर रखें, ताकि खाली जगह से मच्छर काट न सकें।
* सूर्य उदय और अस्त के समय व शाम को घर के अंदर रहें, क्योंकि मच्छर इस वक्त ज्यादा सक्रिय होते हैं।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Shutterstock
हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए।लेटेस्ट अप्डेट्स के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो कीजिए।स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।