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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:32 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
विशेषकर सर्दी के दिनों में अच्छी तरह से धूप नहीं निकलने के कारण बच्चों के शरीर में विटामिन डी का स्तर गिर जाता है। विटामिन डी की कमीका असर आंख, मांसपेशी आदि पर पड़ता तो है ही साथ ही हमेशा थकान महसूस होना, बदन दर्द आदि महसूस होता है। इसलिए बच्चों को चुस्त और दुरूस्त रखने के लिए विटामिन डी की कमी को पूरा करने की बहुत ज़रूरत होती है।
विटामिन डी की खुराक के साथ दूध की पर्याप्त मात्रा और शारीरिक गतिविधियां जैसे कसरत इत्यादि से बच्चों में विटामिन डी की मात्रा बढ़ती है। पूर्वी फिनलैंड विश्वविद्यालय में किए गए अध्ययन से यह नई जानकारी सामने आई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन डी का उच्च स्तर होना बहुत जरूरी है। साथ ही यह बहुत सारे पुराने रोगों का जोखिम भी कम करता है। पढ़े- विटामिन डी प्राप्त करने के पाँच प्राकृतिक खाद्द स्रोत
यह अध्ययन ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन के दौरान जिन बच्चों के रक्त के नमूने गर्मियों के दिनों में ली गई, उनमें विटामिन डी का स्तर सबसे अधिक पाया गया। जबकि सर्दियों के दौरान इसका स्तर कम रहा, क्योंकि इस क्षेत्र में सर्दियों में धूप नहीं निकलती है।
इस शोध में 80 फीसदी बच्चों में विटामिन डी का स्तर कम मिला। विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों ने रोजाना ढाई-तीन गिलास दूध पीने की सिफारिश की है। साथ ही हफ्ते में दो से तीन बार मछली जरूर खाना चाहिए और वनस्पति तेल जरूर खाना चाहिए, क्योंकि इनमें विटामिन डी पाई जाती है। इसके अलावा बच्चों को शारीरिक गतिविधियों में और खेलकूद में हिस्सा लेने के लिए बढ़ावा देना चाहिए।
चित्र स्रोत: Shutterstock