... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : November 9, 2017 12:38 PM IST
वायु प्रदूषण आपके जिंदगी के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा है इसका अंदाजा तक आप लगा नहीं सकते। वायु प्रदूषण का दुुष्प्रभाव माँ के गर्भ में पल रहे बच्चे तक को नहीं छोड़ता है। जन्म के पहले से उसके शरीर में विकार होना शुरू हो जाता है। यहाँ तक कि जन्म से लेकर वयस्क अवस्था तक लोगों में मोटापे का एक प्रमुख कारणवायु प्रदूषण बन जाता है।
पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म ठोस एवं तरल अपशिष्ठ कणों से होने वाले वायु प्रदूषण से हर साल 6,27,000 लोगों की समय से पहले अकाल मौत हो जाती है। पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म अपशिष्ट पदार्थो में पाया जाने वाला कार्बन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और वायु प्रदूषण को कम करने के वर्षो के प्रयास के बावजूद यह वैश्विक मृत्युदर के शीर्ष 10 कारणों में से एक है। पढ़े- वायु प्रदूषण से बच्चों को हो रहीं है मस्तिष्क संबंधी बीमारियाँ
विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) की महानिदेशक सुनीता नारायण ने कहा, 'ऐसा पाया गया है कि अधूरे दहन से पैदा होने वाला ब्लैक कार्बन जो एक बड़ा प्रदूषक है, स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।' पढ़े- वायु प्रदूषण से 66 करोड़ भारतीयों के जीवन के 3 साल कम हो जायेंगे
सुनीता सीएसई के संस्थापक अनिल अग्रवाल की स्मृति में नई दिल्ली में आयोजित अनिल अग्रवाल वार्ता में बोल रही थीं। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार से शुरू हुई दो दिवसीय वार्ता में ब्लैक कार्बन और जलवायु एवं पर्यावरण में इसके प्रभाव पर चर्चा की गई। वार्ता के दौरान अल्पकालिक जलवायु प्रदूषण विज्ञान और डीजल के उत्सर्जन, ईंट भट्ठों एवं रसोई गैस के स्थानीय एवं वैश्विक प्रभाव पर भी चर्चा की जाएगी।
स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Getty images
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.