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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:22 AM IST
The uterus is really amazing: The uterus is actually a small organ about 3 inches long and two inches wide. But during pregnancy it grows to a size as big as a watermelon in just 20 weeks to carry the baby and help it grow. Post delivery it comes contracts to its original size (though not always) within six weeks.
आजकल महिलाओं में गर्भाशय कैंसर या यूटरस कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं लेकिन क्यों ऐसा हो रहा है क्या आपने इस बारे में कुछ सोचा है? हाल ही में सामने आए एक ताजा अध्ययन के अनुसार, 40-45 आयुवर्ग में टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर ऊंचा रहने पर महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जेसन वाई. वाई. वांग का कहना है कि 50 वर्ष के आसपास की आयु की चार में से तीन महिलाओं के गर्भाशय में कैंसर के लचीले ट्यूमर का निर्माण होने लगता है।
गर्भाशय में होने वाले इस कैंसर के कारण अनियमित रक्तस्राव, बांझपन, बार-बार गर्भपात और प्रजनन संबंधी अन्य जटिलताएं जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। 'स्टडी ऑफ विमेंस हेल्थ अराउंड द नेशन' (स्वान) में भाग लेने वाली 3,240 महिलाओं पर वैज्ञानिकों ने 13 वर्ष की लंबी अवधि के दौरान अध्ययन किया।
इस परीक्षण के दौरान पता चला कि जिन महिलाओं के रक्त में टेस्टेस्टेरोन की अधिक मात्रा है उनके गर्भाशय में ट्यूमर के बनने की संभावना कम टेस्टोस्टेरोन स्तर वाली महिलाओं की तुलना में 1.33 गुना अधिक पाई गई। वांग बताते हैं, 'जो महिलाएं रजोनिवृत्ति के संक्रमण से गुजर रही हैं उनमें टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजेन हार्मोन का अधिक होना गर्भाशय के कैंसर का खतरा बढ़ा देता है।' लेकिन एक अनुसंधान के अनुसार ब्लैक टी और खट्टे फल गर्भाशय कैंसर के खतरे को करता है कम, कैसे जानें!
इस शोध से साबित होता है कि टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजेन हार्मोन के उच्च स्तर वाली महिलाओं को गर्भाशय के कैंसर का अधिक सामना करना पड़ता है। यह शोध 'जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
मूल स्रोत -IANS Hindi
चित्र स्रोत - Shutterstock
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