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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 4, 2017 7:39 PM IST
अनुसंधान से यह पता चला है कि पुदीना तेल ( peppermint oil) और दालचीनी(cinnamon) से प्राकृतिक तरीके से पुराने ज़ख्म या घाव का उपचार किया जा सकता है।
पुराने ज़ख्म या घाव का मतलब क्या होता है?
आम तौर पर किसी भी तरह के ज़ख्मया घाव के सूखने का एक निर्धारित समय होता है जब उस निर्धारित समय से ज़्यादा वक्त लगता है तब उसको क्रॉनिक वुन्ड या पुराना ज़ख्म कहते हैं। यानि जिस जख़्म को ठीक होने में तीन महीने से ज़्यादा समय लगता है उसको क्रॉनिक कहते हैं।
क्रॉनिक वुन्ड या पुराने ज़ख्म के ठीक करने के एक जादुई इलाज के बारे में जानें-
वैज्ञानिकों ने यह पाया है कि पुदीना तेल और दालचीनी पुराने ज़ख्म को जल्दी ठीक करने में मदद करता है। पुदीने के तेल और दालचीनी से बने इस कैप्सूल में एन्टीमाइक्रोबायल कम्पाउन्ड होता है जो बायोफिल्म को मारकर घाव के सूखने के प्रक्रिया के गति को बढ़ाता है। इस नई सामग्री को एक सामयिक जीवाणुरोधी उपचार और कीटाणुनाशक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
कई बैक्टिरिया एक दूसरे के साथ इस तरह से सट जाते हैं जिसको किसी भी प्रकार के पारंपरिक एन्टीबायोटिक दवाओं के द्वारा ठीक करना मुश्किल हो जाता है, डॉक्टर इन संक्रमित ऊतकों (tissues) को काट देने की सलाह देते है। यह उपचार महंगा तो है ही और मरीजों के लिए करना मुश्किल भी होता है। शोधकर्ताओं के कठिन परिश्रम का फल यह उपचार है, आवश्यक तेलों (essential oil) और अन्य प्राकृतिक यौगिकों के मदद से रोगजनक बैक्टिरिया को मारा जा सकता है। विंसेंट एम रोटिलोऔर उनके सहयोगी इस चुनौती का पता करना चाहते थे।
शोधकर्ताओं के समूह ने अनुसंधान के बाद यह पता लगाया कि पुदीना तेल और सिनामलडिहाइड (cinnamaldehyde), जो दालचीनी का एक यौगिक है, उसके छोटे-छोटे सिलिका अणु फ्लेवर और महक के लिए जिम्मेदार है। यह माइक्रोकैप्सूल ट्रीटमेंट विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया पर प्रभावकारी रूप से काम करता है जिनमें एक है एन्टीबायोटिक रिजिस्टन्ट स्ट्रेन। यह एक प्रकार के कोशिका फाइब्रोब्लास्ट का विकास करता है जो जख़्म को ठीक करने में अहम् भूमिका निभाता है।
इस तरह पुदीना तेल और दालचीनी पुराने ज़ख्म पर असरदार रूप से काम करके जल्दी ठीक करने में सहायता करता है।
स्रोत: ANI
चित्र स्रोत: Getty image
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