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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:39 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
ब्रेस्ट कैंसर एक खतरनाक बीमारी है। अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं या इससे बचना चाहती हैं, तो आपको आज से ही अपने खाने में दही जैसी प्रोबायोटिक्स को शामिल कर लेना चाहिए। एप्लाइड एंड एनवाइरोनमेंट माइक्रोबॉयलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, खाने में प्रोबायोटिक्स की मात्रा बढ़ाने से ब्रेस्ट में गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम हो जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, लैक्टोबेसिलस और स्टपटोकोकस, जो कि गुड बैक्टीरिया माने जाते हैं, कैंसरग्रस्त स्तनों की तुलना में स्वस्थ ब्रेस्ट में ज्यादा पाए जाते हैं। दोनों में एंटी-कारसिनोजेनिक गुण पाए जाते हैं। पढ़ें- सिर्फ एक कटोरी दही रोज़ खाकर आप घटा सकते हैं अपना वज़न!
कनाडा के वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसे लेकर शोध किया। उन्होंने महिलाओं को और खासकर उन महिलाओं को जिन्हें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा है, उन्हें खाने में प्रोबायोटिक लैक्टोबेसिलस को शामिल करने की सलाह दी, ताकि उनके ब्रेस्ट में लाभकारी बैक्टीरिया का अनुपात बढ़ सके। इसके विपरीत स्तन कैंसर से पीड़ित महिला में एसचेरिचिया और स्टाफाइक्लोलोकोकस जिन्हें हानिकारक बैक्टीरिया माना जाता है कि संख्या बढ़ी हुई पाई गई।
शोधकर्ताओं के अनुसार, कैंसर को बढ़ावा देने वाले बैक्टीरिया को निशाना बनानेवाले एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से ब्रेस्ट कैंसर के प्रबंधन का एक और विकल्प मिलेगा।
इस शोध के दौरान शोधदल ने 58 महिलाओं के स्तनों के ऊतकों का अध्ययन किया था जो विभिन्न किस्म के स्तन कैंसर से पीड़ित थीं, साथ ही इनमें 23 स्वस्थ महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सर्जरी के माध्यम से अपने स्तनों का आकार छोटा या बड़ा कराया था। शोधकर्ताओं ने ऊतकों में बैक्टीरिया की पहचान के लिए उनकी डीएनए सीरीज का प्रयोग किया।
चित्र स्रोत - Shutterstock