... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
आजकल बहुत कम ही लोग होंगे जिनको दांत या मसूड़ों का प्रॉबल्म नहीं है। लेकिन सबसे मुश्किल की बात ये है कि लोग इस तरह के प्रॉब्लम को सबसे पहले नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसी छोटी-छोटी परेशानियाँ बाद में बड़े परेशानी का सबब बन जाते हैं। हाल के एक रिसर्च से ये पता चला है कि मसूड़ों के रोग के कारण अल्जाइमर की बीमारी होने की संभावना कुछ हद तक बढ़ जाती है।
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक शोध में मसूड़े के रोग और भूलने की बीमारी अल्जाइमर के बीच नजदीकी कड़ी खोज निकाला है। उन्होंने अध्ययन में पाया है कि अल्जाइमर के शुरुआती दिनों में मरीज यदि मसूड़े के रोग से ग्रस्त है तो उसकी स्मरण शक्ति में तेजी से कमी आती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मसूड़े के रोग भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया की गति को बढ़ा देता है। साथ ही मानसिक रोग अल्जाइमर को तेजी से बढ़ाने में योगदान देता है।
ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैंप्टन के इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक ने बताया, 'इस शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि मसूड़ों की बीमारी पीरियोडोंटिस का याददाश्त कम होने से सीधा संबंध है। मसूड़े के रोग का इलाज अल्जाइमर्स के इलाज का अच्छा विकल्प हो सकता है।' इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने 59 प्रतिभागियों पर छह माह तक अध्ययन किया था। अनुसंधान का सुझाव है कि मसूड़े के रोग का प्रभावी उपचार अल्जाइमर को कम करने में सहायक हो सकता है।
यह शोध पत्रिका 'पीएलओएस वन' में प्रकाशित हुआ है।
चित्र स्रोत: Shutterstock