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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:36 AM IST
अल्कोहल पीने से आपका अगले दिन का वर्कआउट भी प्रभावित होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जो अल्कोहल आप पीते हैं उसे आपका लीवर एथेनॉल से एसेटिक में बदलता है, फिर वो यूरीन में निकल जाता है। ये सब लीवर द्वारा किया जाता है, जो अपने प्राथमिक कार्य (शरीर को ग्लूकोज़ पहुंचाना) छोड़ देता है और इसी वजह से अगले दिन आपको मतली होती है।
मूल स्रोत: IANS Hindi
युवास्था एक ऐसी अवस्था है जिसमें सब कुछ बिना समझे-बुझे लापरवाही से किया गया काम जान को जोखिम में डाल देता है। आनंद और उत्साह से सराबोर होकर बिंज ड्रिंकिंग करने यानी थोड़ा-थोड़ा बार-बार पीने वाले युवाओं की नींद खो जाने का खतरा रहता है। एक नए शोध में पता चला है कि कॉलेज या स्कूल छात्र-छात्राएं सीमित मात्रा में बार-बार शराब पीते हैं, उन्हें पहली ही नींद के दौरान मरने का खतरा होता है। बिंज ड्रिंकिंग का तात्पर्य पुरुष का दो घंटे में चार बार शराब पीना और महिलाओं का दो घंटों में पांच बार शराब पीने से है। जो भी युवा कम समय में इतनी शराब पीता है, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर तो पड़ता ही है, उसकी मौत का जोखिम भी बना रहता है।
अमेरिका की यूनिविर्सटी ऑफ अलाबामा के शोधार्थी बताते हैं, 'शराब मूलभूत शारीरिक कार्य-प्रणाली को नुकसान पहुंचाती है। इससे नींद में मर जाने का जोखिम भी बना रहता है।' शराब की वजह से पेट में जलन, गले में संकुचन जैसे कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। अल्कोहल प्वॉइजनिंग के महत्वपूर्ण और गंभीर लक्षण भ्रम, उल्टी, सांस की गति धीमी होना, असामान्य श्वसन और हाइपोथर्मिया हैं।
शोधार्थियों का कहना है कि हर साल 18 से 24 साल उम्र के लगभग एक हजार 825 कॉलेज छात्रों की शराब संबंधी कारणों से मौत होती है। वैज्ञानिकों ने बताया, मध्यम मात्रा के अनुसार, महिलाओं को दिन में एक बार से अधिक शराब का सेवन नहीं करना चाहिए, और पुरुषों को एक दिन में दो से अधिक बार शराब नहीं पीनी चाहिए। प्रति सप्ताह के आधार पर महिलाओं को सात या उससे कम, वहीं पुरुषों को प्रति सप्ताह 14 या उससे कम बार ही शराब पीनी चाहिए।
चित्र स्रोत: Shutterstock