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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:43 AM IST
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने सोमवार रात 11.30 बजे अंतिम सांस ली। वह 68 वर्ष की थीं। डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उनकी हालत बेहद नाज़ुक बनी रही और सोमवार रात उनका निधन हो गया ।
बता दें कि मुख्यमंत्री जे. जयललिता को रविवार शाम को दिल का दौरा हुआ था। जयललिता को कल शाम दिल का दौरा पड़ा जिसके तुरंत बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया। उनकी नाज़ुक हालत की ख़बर फैलते ही चेन्नई में अपोलो हॉस्पिटल के बाहर भारी संख्या में अम्मा के समर्थक जमा हो गए। पूरी रात से लेकर अब तक समर्थक अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते दिख रहे हैं। बता दें बीते ढाई महीने से चेन्नई के अपोलो अस्पताल में जयललिता भर्ती हैं।
फ़िल्मों से राजनीति की दुनिया का सफर तय करनेवाली एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता को 22 सितंबर को बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही उनके समर्थक अक्सर अस्पताल के बाहर ही उनकी सलामती की दुआ करते नजर आते हैं। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया था कि उन्हें इंफेक्शन है, इसलिए उन्हें अस्पताल में कुछ दिन रहना होगा। इसके बाद उन्हें वेंटीलेटर का सहारा दिया गया था। सोमवार को दिन में अस्पताल द्वारा मेडिकल बुलेटिन जारी करके जयललिता की हालत पर जानकारी दी गयी थी। जयललिता को कृत्रिम तरीके से सांस दी जा रही थी और उन्हें एक्स्ट्राकोरपोरियल मैम्ब्रेन आक्सीजीनेशन (ECMO ) पर रखा गया था।
अपोलो अस्पताल के मुताबिक, जयललिता का उपचार कर रही टीम में हृदय रोग विशेषज्ञ, फेफड़ा विशेषज्ञ, इंफेक्शन डिजीज के विशेषज्ञ, मधुमेह विशेषज्ञ शामिल थे।
जयललिता एक शक्तिशाली और तमिलनाडु की अतिलोकप्रिय नेता के तौर पर हमेशा याद की जाएगीं। उनके निधन की ख़बर से उनके परिवारजनों, शुभचिंतकों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।
चित्र स्रोत: IANS
मूल स्रोत: IANS Hindi