ज्यादा देर तक बैठने का काम बढ़ा सकता है कैंसर और डाइबिटीज़ का खतरा

कहीं आप सात घंटे से ज्यादा बैठकर काम और नौ घंटे से ज्यादा सोते तो नहीं, अगर हां, तो हो जाये सचेत!

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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:21 AM IST

एक नए अध्ययन में खुलासा किया गया है कि नौ घंटों से अधिक सोने और दिन में अधिक से अधिक समय बैठ कर बिताने, खासकर कम शारीरिक श्रम वाली दिनचर्या से आपकी उम्र छोटी हो सकती है। गैर-लाभकारी संगठन 'सैक्स इंस्टीट्यूट' के अध्ययन '45 एंड अप' के लिए किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति रात को ज्यादा नींद लेता है और दिन में शारीरिक तौर पर सक्रिय नहीं रहता तो ऐसे व्यक्ति की मौत जल्द होने की संभावना सक्रिय रहने वाले लोगों की तुलना में चार गुना अधिक होती है।

सर्वेक्षण में अधिक बैठने से मतलब सात घंटे से अधिक बैठना और बहुत कम व्यायाम करने से मतलब हफ्ते में 150 मिनट से कम व्यायाम करना कहा गया है।

इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता मेलोडी डिग के अनुसार, "हम इस अध्ययन में यह देखना चाहते थे कि नींद लेने और बैठे रहने का संयुक्त असर क्या होता है।"

अत्यधिक नींद और ज्यादा देर तक बैठे रहने के साथ ही अगर आप व्यायाम नहीं कर रहे हैं तो आपको तिहरी मार झेलनी पड़ सकती है।

डिंग के अनुसार, "हमारा अध्ययन बताता है कि हमें इन आदतों के प्रति उतना ही गंभीर होना चाहिए जितना हम जोखिम वाले अन्य कारकों जैसे धूम्रपान, शराब और अनियमित खान-पान के प्रति होते हैं।"

सिडनी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डिंग और उनके सहयोगियों ने अपने अध्ययन '45 एंड अप' में शामिल किए गए दो लाख से ज्यादा प्रतिभागियों के स्वास्थ्य का आकलन किया।

इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों की जीवनशैली के विभिन्न व्यवहारों जैसे धूम्रपान, शराब का सेवन, अस्वस्थ आहार और निष्क्रिय रहने वाले समीकरण के साथ बैठे रहना और कम/अधिक नींद लेने जैसे व्यवहारों को भी शामिल किया।

इस परीक्षण के दौरान शोधकर्ताओं ने एक और समस्या की भी पहचान की। शोधकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान, शराब का अत्यधिक सेवन और सात घंटे से कम नींद लेने से व्यक्ति के जल्दी मरने का खतरा चार गुना अधिक बढ़ जाता है।

डिंग ने बताया, 'मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग विश्व के करीब 38 लाख लोगों की मौत के कारण बन चुके हैं। इस अध्ययन की मदद से हमें ऐसे जोखिम वाले कारकों को पहचानने में सफलता मिली है जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने के हमारी मदद कर सकते हैं।'

मूल स्रोत -IANS Hindi 

चित्र स्रोत - Shutterstock


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