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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:30 AM IST
स्रोत - IANS Hindi
आपने इन दिनों कई लोगों को ई-सिगरेट पीते देखा होगा। इस सिगरेट को बेचते हुए ये प्रचार किया जाता है कि ये आपको सामान्य सिगरेट के नुकसानों से बचाएगी। साथ ही साथ, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट यानी ई-सिगरेट को आम सिगरेट की लत छुड़ाने के लिए जाना जाता है। और पीने वाले, यही बात कहकर इसका काफी अधिक सेवन भी करते हैं, लेकिन वास्तव में यह धूम्रपान की आदत को कम करने में कोई योगदान नहीं करता, बल्कि कई शोधों में इसके दुष्प्रभाव सामने आए हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-सान फ्रांसिस्को (यूसीएसएफ) ने एक शोध में पाया है कि ई-सिगरेट से धूम्रपान की लत छुड़ाने की संभावना 28 प्रतिशत से भी कम होती है।
मैसाचुसेट्स जर्नल हॉस्पिटल एंड हावर्ड मेडिकल स्कूल से इस अध्ययन की मुख्य लेखिका सारा काल्कोहरन के अनुसार, 'वर्तमान में ई-सिगरेट का इस्तेमाल धूम्रपान करने वाले उपायों के तौर पर किया जा रहा है।' इस शोध में यूसीएसएफ दल ने सिगरेट और ई-सिगरेट के 38 अध्ययनों का आकलन किया। इसमें दो तरह के लोग शामिल थे। पहले जो सिगरेट छोड़ने चाहते थे और दूसरे जिनका सिगरेट छोड़ने का कोई इरादा नहीं था।
काल्कोहरन के अनुसार, धूम्रपान को रोकने में ई-सिगरेट को प्रभावी मानने की सिफारिश नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि इसका कोई सबूत नहीं है।
साल 2015 में यूएस प्रिवेंटिव सर्विस टास्क फोर्स ने कहा था कि इस तथ्य के सबूत बहुत कम हैं, जो यह साबित कर सकें कि ई-सिगरेट का प्रयोग व्यस्कों में सिगरेट की लत को कम करता है।यह अध्ययन ऑनलाइन पत्रिका 'दि लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसीन' में प्रकाशित किया गया है।
चित्र स्रोत - Shutterstock