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डाइबिटीज़ से बचने के लिए बोतलबंद पेय पदार्थ से बनाएं दूरी

क्या आपको पता है कि कोल्ड ड्रिंक के अलावा लस्सी और फ्रुट जूस में भी चीनी की भारी मात्रा पाई जाती है?

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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:29 AM IST

मूल स्रोत -IANS Hindi

आजकल बोतलबंद पेय और  कोल्ड ड्रिंक पीने का चलन बढ़ गया है। लोग बिना सोचे खुद और अपने बच्चों को सील्ड फ्रूट जूस और कोल्ड ड्रिंक पिलाते हैं। क्या आप जानते हैं अत्यधिक मात्रा में इनको पीने से क्या होता है? इनको पीने से टाइप-2 डाइबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन इससे भी बचा सकता है, अगर इन उपायों को काम में लाया जाय।

अगर बोतलबंद पेय पदार्थो जैसे जूस या कोल्ड ड्रिंक आदि में चीनी की मात्रा 40 फीसदी कम कर दी जाए तो उससे अगले दो दशकों में 3 लाख से ज्यादा लोगों को मोटापे से संबंधित टाईप-2 मधुमेह से बचाया जा सकता है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। अगर इन पेय पदार्थो में से रोजाना 38.4 कैलोरी ऊर्जा की कटौती कर दी जाए तो पांच साल बाद एक वयस्क के औसत वजन में 1.20 किलो की कमी देखने को मिलेगी, जिससे 5 से 10 लाख वयस्कों को मोटापे की समस्या से छुटकारा मिलेगी। इससे अगले दो दशकों में लगभग 3 लाख लोग मोटापे से संबंधित टाइप-2 मधुमेह से बच सकेंगे।

एक्शन फॉर शूगर ग्रुप के चेयरमैन प्रोफेसर ग्राहम मैकग्रेगोर के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन को लेसेंट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। गौरतलब है कि कोल्ड ड्रिंक के अलावा लस्सी और फ्रुट जूस में भी चीनी की भारी मात्रा पाई जाती है।

इस अध्ययन पर टिप्पणी करते हुए वर्ल्ड ओवेसिटी फेडरेशन लंदन के नीति निदेशक डॉ. टिम लोबस्टीन ने लिखा है कि यह अध्ययन नीति-निर्माताओं के लिए बहुत ही सकारात्मक संदेश लेकर आया है।

चित्र स्रोत - Shutterstock