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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:21 AM IST
जो लोग कारखानों या फैक्टरी के आस-पास रहते हैं और मधुमेह के मरीज़ होते हैं, उन्हें अपने दिल का अच्छे तरह से ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि हाल के अनुसंधान से ये पता चला है कि लंबे समय से वायु प्रदूषण के संपर्क में रह रहीं मधुमेह पीड़ित महिलाओं को हृदय रोग की संभावना सबसे अधिक होती है। बॉस्टन के हावर्ड मेडिकल स्कूल में अध्ययन के मुख्य लेखक जेमी हार्ट ने बताया, 'यह अपने आप में पहला अध्ययन है, जो यह आकलन करता है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में रह रही मधुमेह ग्रसित महिलाओं को दिल का रोग होने की सर्वाधिक संभावना होती है।' पढ़े- वायु प्रदूषण के कारण बढ़ रहा है दिल की बीमारियों का ख़तरा
इस अध्ययन में औसतन 64 साल तक की 114,537 महिलाओं को शामिल किया गया था और साल 1989 से 2006 के बीच शोधार्थियों ने दिल के रोग, कोरोनरी रोग और हृदयाघात से प्रभावित घटनाओं का जायजा लिया गया। इसके साथ ही शोधार्थियों ने वाहनों, बिजली घरों, कारखानों से पैदा हुए वायु प्रदूषण के अलग-अलग कणों (तत्वों) का भी विश्लेषण किया। पढ़े- डाइबीटिज टाइप 2 से लड़ने में पौष्टिक नाश्ता करता है मदद
वैज्ञानिकों ने वायु प्रदूषण के संपर्क में रह रही सभी महिलाओं का अध्ययन किया। जिसके बाद यह सामने आया कि मधुमेह पीड़ित महिलाओं में हृदय रोग और हृदयाघात होने का खतरा अन्य महिलाओं की तुलना में ज्यादा बढ़ गया था। जैमे हार्ट ने बताया कि इन उपसमूहों की पहचान करना जरूरी है। इससे हमें प्रदूषण के मानकों और बचाव के तरीकों को जानने में मदद मिलती है।
यह अध्ययन 'अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
मूल स्रोत -IANS Hindi
चित्र स्रोत - Shutterstock
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