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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:30 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
शायद आप इस बात से अनजान है कि चिंता कहे या तनाव इसके कारण आपके जाने-पहचाने रास्ते भी अनजाने हो सकते हैं। तनाव में रहने के कारण लोग आम तौर पर लोग रास्ता भटक जाते हैं। क्योंकि चिंता का सीधा प्रभाव आपके मस्तिष्क पर पड़ता है। चिंताओं से घिरे होने पर क्या आप चलते-चलते गलत दिशा में मुड़ते हैं अगर हां तो इसके लिए कसूरवार आपका मस्तिष्क है क्योंकि तनाव के दौरान लोगों में मस्तिष्क का दायां भाग व्यक्ति को बाईं दिशा में चलने के लिए उन्मुख करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ केंट की डॉक्टर मारियो वीक ने पहली बार मस्तिष्क के दो भागों (गोलार्धो) की सक्रियता को व्यक्ति की प्रक्षेप पथ के बदलावों के साथ जोड़ा है।
इस शोध के लिए शोधार्थियों ने कुछ लोगों से आंखों पर पट्टी बांधकर एक कमरे में सीधे चलने के लिए कहा। वह पहले से ही उस कमरे से वाकिफ थे।शोधार्थियों को इस संबंध में सबूत मिला है कि इनमें जो प्रतिभागी असामान्य और चिंताग्रस्त स्थिति से गुजर रहे थे वह बाई दिशा में चलने के लिए उन्मुख दिखाई दिए जिसकी वजह उनके मस्तिष्क के दाएं हिस्से में अधिक सक्रियता का होना है।
यह शोध बताता है कि मस्तिष्क के यह दो हिस्से आपस में अलग-अलग प्रेरक तंत्रों के साथ जुड़े हैं। इस शोध के जरिए पहली बार मानसिक अवरोध और मस्तिष्क की दाईं हिस्से की सक्रियता के बीच स्पष्ट संबंध का पता चल पाया है। इस समस्या से पीड़ित व्यक्तियों का अब पहले से अधिक कारगर इलाज किया जा सकेगा।
चित्र स्रोत: Shutterstock