क्या आप जानते हैं कम नींद से किन 2 बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा?

अगर आप नौं घंटे से कम सोते हैं तो हो जाइए सावधान!

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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 5, 2017 8:12 AM IST

जिस तरह हेल्दी रहने के लिए सही डायट और एक्सरसाइज़ जरूरी होती है उसी तरह पर्याप्त मात्रा में नींद की भी ज़रूरत होती है। क्योंकि पर्याप्त मात्रा में नहीं सोने पर शरीर की प्रक्रिया सुचारू रूप से होने में बाधा उत्पन्न होती है जिसके कारण तरह-तरह की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। शायद आप इस बात से वाकिफ नहीं होंगे कि कम नींद आपको मधुमेह और किडनी की बीमारी होने का खतरा बढ़ा देता है। हाल अनुसंधान से पता चला है कि नींद ना आना या कम नींद लेने से मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है। शोधकतार्ओं ने कहा है कि नींद की कमी से इंसुलिन के प्रति शरीर संवेदना घट जाती है यानी इंसुलिन बनने की प्रक्रिया सुस्त हो जाती है, जिससे रक्त शर्करा को नियंत्रित करने की क्षमता प्रभावित होती है और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।

अमेरिका के कोलोराडो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, और अध्ययन के मुख्य लेखक केनेथ राइट ने कहा, ‘हमने पाया कि जब लोग कम नींद लेते हैं तो वे उस समय जाग रहे होते हैं जब उन्हें सोना चाहिए।‘ राइट ने बताया, ‘जब वह सुबह कुछ खाते हैं तो इससे उनके रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता को नुकसान पहुंचाता है।‘ शोधकतार्ओं ने अपने अध्ययन में स्वस्थ पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया। इनमें से आधे प्रतिभागी पांच दिनों तक रात के समय केवल पांच घंटे सोए थे और अपने नियमित कार्य किए थे। उसके बाद उन्होंने पांच दिनों तक हरेक रात नौ घंटे नींद ली थी। बाकी आधे प्रतिभागियों ने विपरीत क्रम में नींद की शर्ते पूरी की। रक्त परीक्षण के बाद पता चला कि जिन्होंने रात में केवल पांच घंटे नींद ली, उनमें इंसुलिन की संवेदनशीलता कम पाई गई। इसके कारण मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन जब वे रात को नौ घंटे सोते हैं, तो मौखिक इंसुलिन संवेदना सामान्य हो जाती है।

इसका निष्कर्ष यह निकला कि नींद की कमी के कारण मेटाबॉलिक स्ट्रेस बढ़ जाता है। यह अध्ययन 'करेंट बायोलॉजी' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

वैसे तो ये बात सभी जानते हैं कि मधुमेह होने पर शरीर का हर अंग प्रभावित होता है विशेषकर किडनी पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ता है। लेकिन शायद आपको ये नहीं पता कि आठ-नौ घंटे से कम सोने पर भी किडनी पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इसलिए आजकल लोगों को मधुमेह यानि डाइबीटिज और किडनी की बीमारी सबसे ज्यादा होने लगी है क्योंकि वे काम के दबाव के कारण पर्याप्त मात्रा में नहीं सो पाते हैं।

अगर आप रोजाना जरूरत से कम नींद लेते हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि एक नए शोध के मुताबिक इसका किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। शरीर में अधिकांश प्रक्रियाएं नेचुरल डेली रिद्म (सरकाडियन क्लॉक या शरीर की प्राकृतिक घड़ी) के आधार पर होती हैं, जो हमारी नींद से नियंत्रित होती हैं। अध्ययन के दौरान पाया गया कि जब सोने के इस प्राकृतिक चक्र में बाधा आती है, तो किडनी बुरी तरह प्रभावित होती है।

ब्रिघम एंड वूमेन्स हॉस्पिटल के प्रमुख शोधकर्ता सियारन जोसेफ मैक्कुलम ने 11 वर्षो की अवधि के दौरान कम से कम दो अवसरों पर 4,238 प्रतिभागियों की सूचनाओं का अध्ययन किया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि कम नींद लेने से किडनी की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। उदाहरणस्वरूप, प्रतिदिन पांच घंटे की नींद लेने वाली महिला की किडनी की कार्यक्षमता प्रतिदिन आठ घंटे की नींद लेने वाली महिला की किडनी की कार्यक्षमता से अधिक घटेगी। मैक्कुलम ने कहा, ‘यह पहला प्रत्याशित अध्ययन है, जिसमें यह बात सामने आती है कि जरूरत से कम नींद लेने पर किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।‘ इस अध्ययन का निष्कर्ष सैन डिएगो में आगामी तीन से आठ नवंबर को होनेवाले एएसएन किडनी वीक 2015 के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे।

अब शायद आपको पता चल ही गया होगा कि आठ से नौ घंटे की नींद एक स्वस्थ शरीर के लिए कितनी ज़रूरी होती है। इसलिए हो जाइए सावधान और स्वस्थ रहने के तरफ एक कदम आगे बढ़ाए।

मूल स्रोत - IANS HINDI

चित्र स्रोत - Shutterstock


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