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Written By: Agencies | Published : February 14, 2017 1:25 PM IST
अभी तक तो एस्पिरिन लोग फीवर होने, गले में दर्द या बदन दर्द होने या इंफ्लैमेशन होने पर लेते थे लेकिन हाल के एक रिसर्च से ये पता चला है कि एस्पिरिन का इस्तेमाल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए भी किया जा सकता है। लेकिन तब भी बिना सोचे समझे एस्पिरिन न लें, इससे हेल्थ पर पड़ता है बुरा प्रभाव।
एस्पिरिन दवा दर्द, बुखार और सूजन में तो राहत देती ही है, इसकी दैनिक खुराक कैंसर रोकने में भी मददगार साबित हो सकती है। एक नए शोध में यह पता चला है। पहले के शोध में पता चला था कि एस्पिरन कैंसर के कुछ प्रकारों को रोक सकती है, लेकिन वैज्ञानिक सालों तक इस बात को लेकर उलझन में रहे कि बुखार, सूजन कम करने की दवा कैसे इस जानलेवा बीमारी को रोक सकती है।
नए शोध में टेक्सास के 'वेटरन अफेयर्स' के वैज्ञानिकों के हवाले से बताया गया है कि प्लेटलेट्स के साथ दर्द निवारक दवा की पारस्परिक क्रिया से जो रक्त कोशिकाएं थक्के बनाती हैं, वे रक्तस्राव रोक देती हैं, जिससे ट्यूमर का बढ़ना रुक सकता है। क्या आप कैंसर से लड़नेवाले आहारके बारे में जानते हैं?
शोध की रिपोर्ट पत्रिका 'कैंसर प्रिवेंशन रिसर्च' के फरवरी के अंक में प्रकाशित हुई। इसमें कहा गया है कि एस्पिरिन सामान्य रूप से थक्के बनने की प्रक्रिया को कॉक्स-1 एंजाइम के जरिए रोक देता है, जिससे प्लेटलेट्स और कैंसर की कोशिकाओं के बीच परस्पर क्रिया बंद हो जाती है और ट्यूमर का बढ़ना रुक जाता है।
मूल स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Shutterstock