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Written By: Agencies | Updated : January 5, 2017 8:32 AM IST
मूल स्रोत: IANS Hindi
कोकीन का सेवन स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक होता है ये तो सभी जानते हैं। लेकिन जो लोग इसके आदि हो जाते हैं उनके लिए इस व्यसन या एडिक्शन को छोड़ना बहुत मुश्किल होता है। हाल ही के एक अनुसंधान से इस बात का पता चला है कि डाइबिटीज़ के बीमारी में काम आने वाली दवा कोकीन का लत छुड़ाने में भी असरदार रूप से काम करती है। इस दवा से कोकीन का सेवन करनेवाले लोगों को कोकीन के लिए कम तलब महसूस होती है।
मधुमेह के इलाज में इस्तेमाल में आनेवाली दवा कोकीन के लती लोगों का इलाज करने में कारगर साबित हुई है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने हाल में मोटापा व टाइप-2 डाइबीटिज के इलाज के लिए जिस दवा को मंजूरी दी है, वह कोकीन की लत छुड़ाने में कारगर साबित हुई है।
यह दवा प्राकृतिक हॉर्मोन ग्लुकागोन-लाइक पेप्टाइड-1 या जीएलपी-1 से प्राप्त किया गया है, जिसे बियेत्ता नाम दिया गया है। चूहों पर ढाई वर्षो तक अध्ययन के दौरान, शोधकर्ताओं ने दर्शाया कि जब मस्तिष्क के जीएलपी-1 रिसेप्टर के क्षेत्र (वेंट्रल टेगमेंटल एरिया) को सक्रिय किया गया, तो व्यक्ति को कोकीन की कम से कम तलब महसूस हुई।
अध्ययन के मुताबिक, मस्तिष्क में हॉर्मोन की इस तरह की भूमिका सामने आई है। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वानिया में अध्ययन के मुख्य लेखक हीथ स्क्मिीड्ट ने कहा, 'हॉर्मोन के इस्तेमाल से कोकीन की लत वाले व्यक्ति में कम तलब की बात सामने आई।'
यह शोध पत्रिका 'न्यूरोसाइकोफार्मेकोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है।
चित्र स्रोत: Shutterstock